Gold Price Crash: तेल के उतार-चढ़ाव से उलझा बाजार, घरेलू और वैश्विक मोर्चे पर सोने-चांदी की कीमतों में भारी फेरबदल
वैश्विक बाजार में कमोडिटी की चाल और कच्चे तेल (Crude Oil) के लगातार बदलते दामों ने बुलियन मार्केट को उलझन में डाल दिया है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों और क्रूड ऑयल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण सर्राफा बाजार में जोरदार हलचल देखने को मिल रही है, जिसके चलते निवेशकों और आम खरीदारों के मन में सोने के दामों को लेकर संशय बना हुआ है।
क्रूड ऑयल और वैश्विक बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में लगातार तेजी और मंदी का रुख बना हुआ है, जिसका सीधा असर सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अस्थिरता और मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों के कारण सोने और चांदी के निवेशकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर भी दबाव साफ नजर आ रहा है।
घरेलू सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय उठापटक के बीच भारतीय बाजारों में सोने और चांदी के तेवर ढीले पड़े हैं। उपभोक्ता मांग कमजोर होने और स्टॉकिस्टों की बिकवाली के चलते हाल ही में घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कीमतें नीचे फिसलकर ₹34,000 तक के दायरे के बड़े उतार-चढ़ाव को छू चुकी हैं। सर्राफा मार्केट के जानकारों का कहना है कि ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली और वैश्विक फंड्स की निकासी की वजह से घरेलू स्तर पर कीमतें प्रभावित हुई हैं।
खरीदारों के लिए क्या है सही समय?
कीमतों में आई इस भारी गिरावट और करेक्शन के बाद उन ग्राहकों के लिए खरीदारी का मौका बन रहा है जो लंबे समय से सोना खरीदने की योजना बना रहे थे। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि भू-राजनीतिक हालात और कच्चे तेल की चाल पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि ग्लोबल मार्केट में किसी भी नए बदलाव से कीमतों में फिर से फेरबदल हो सकता है।