पत्नी के अकाउंट में पति ने डाल दिए 71 लाख रुपए, जानें क्या महिला को टैक्स देना होगा या नहीं
अक्सर भारतीय परिवारों में यह देखा जाता है कि कमाने वाले पति अपनी पत्नी के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करते हैं। कई बार महिलाओं के खाते में अचानक बड़ी रकम आने पर आयकर विभाग की नजर उस पर टिक जाती है और सवाल उठने लगते हैं कि क्या उस पैसे पर गृहिणी पत्नी को भी टैक्स चुकाना होगा।
इस उलझन को सुलझाते हुए हाल ही में पुणे आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण यानी ITAT ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है जो देश के तमाम परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर लेकर आया है। आइए इस पूरे कानूनी मामले और इसके पहलुओं को आसान भाषा में समझते हैं।
क्या था पुणे का पूरा मामला और क्यों उठा विवाद?
यह पूरा वाकया पुणे शहर से जुड़ा है जहां एक पति ने अपनी गृहिणी पत्नी के बैंक खाते में करीब इकहत्तर लाख छप्पन हजार रुपये जमा करवाए थे। पत्नी के खाते में इतनी बड़ी रकम अचानक देखकर टैक्स अधिकारियों को शक हुआ और उन्होंने इसे महिला की छिपाई हुई यानी अघोषित कमाई मानकर टैक्स के दायरे में खड़ा कर दिया। जब इस पर सवाल हुआ तब महिला ने साफ किया कि यह सारा धन उनके पति जयेंद्र नवाले की तरफ से उपहार या घरेलू खर्चे के रूप में मिला था और यह पूरी तरह पति की वैध कमाई का हिस्सा है।
ITAT की अदालत से मिली राहत और सही सीख
अधिकारियों के संतुष्ट न होने पर यह विवाद ITAT तक जा पहुंचा जहां सुनवाई के दौरान यह साबित हुआ कि पति ने अपनी इस आय का पूरा ब्योरा पहले ही अपने टैक्स रिटर्न में बाकायदा दर्ज किया हुआ था। उनके रिकॉर्ड में लगभग इक्यानवे लाख से ज्यादा की बिक्री और कुल आय का पूरा हिसाब मौजूद था जिससे यह साफ हो गया कि पति के पास इतनी भारी रकम ट्रांसफर करने की पूरी वित्तीय क्षमता थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब धन का स्रोत पहले से ही पारदर्शी और घोषित है तो उसी रकम को दोबारा पत्नी की बेनामी कमाई बताकर टैक्स वसूलना पूरी तरह गलत है। इस फैसले से आम जनता को यह सीख मिलती है कि यदि पैसे भेजने का रिकॉर्ड और स्रोत पुख्ता हो तो डरने की कोई जरूरत नहीं है।