PPF और सुकन्या समृद्धि योजना के निवेशकों के लिए जरूरी खबर, सरकार ने ब्याज दरों को लेकर लिया बड़ा फैसला
अगर आप भी पोस्ट ऑफिस या बैंक की छोटी बचत योजनाओं में पैसे लगाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार इन योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक जो ब्याज दरें चल रही थीं, वही अगले तीन महीनों यानी दिसंबर के आखिर तक मिलती रहेंगी।
वित्त मंत्रालय ने जारी किया आदेश
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की तरफ से 30 सितंबर को इस सिलसिले में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से निवेशकों को यह स्पष्ट हो गया है कि अक्टूबर से ब्याज दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी या कटौती नहीं होने जा रही है। पुरानी दरें ही पूरे तीन महीने तक लागू रहेंगी, जिससे लोगों को अपने निवेश का हिसाब लगाने में आसानी होगी।
किन-किन योजनाओं पर लागू है ये नियम?
सरकार की छोटी बचत योजनाओं में देश के आम नागरिक बड़े पैमाने पर पैसा सुरक्षित रखते हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी, किसान विकास पत्र, बेटियों के भविष्य के लिए चलाई जाने वाली सुकन्या समृद्धि योजना और बुजुर्गों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम जैसी लोकप्रिय योजनाएं शामिल हैं। लोग इन स्कीमों का इस्तेमाल सुरक्षित कमाई और लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए करते हैं।
तिमाही समीक्षा के बाद फैसला
नियम के मुताबिक सरकार हर तीन महीने पर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और जरूरत के हिसाब से बदलाव करती है। हालांकि इस बार बाजार के हालात को देखते हुए दरों को जस का तस बनाए रखने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में जरूरी निर्देश डाक विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संबंधित संस्थानों को भी भेज दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।