कागज के नोटों की अब होगी छुट्टी? जानिए क्या है RBI का यह नया 'पॉलीमर प्लान' जो उड़ा देगा सबकी नींद

कागज के नोटों की अब होगी छुट्टी? जानिए क्या है RBI का यह नया 'पॉलीमर प्लान' जो उड़ा देगा सबकी नींद

भारतीय मुद्रा के रूप-रंग में जल्द ही एक बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकता है। आम जनता के बीच इस बात की काफी चर्चा है कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) अब खास तौर पर 10 रुपये और 20 रुपये के नए पॉलीमर (प्लास्टिक) नोट बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अगर इन छोटे मूल्य वर्ग के नोटों का यह ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में बड़ी कीमत वाले नोट भी पॉलीमर फॉर्म में छापे जा सकते हैं।

पुराने कागजी नोटों का क्या होगा?

बाजार में नई करेंसी आने की खबर से अक्सर लोगों के मन में पुराने नोटों के बंद होने का डर बैठ जाता है। लेकिन आपको बता दें कि पॉलीमर नोटों के आने से मौजूदा कागजी नोट बिल्कुल भी बंद नहीं होंगे, बल्कि दोनों तरह के नोट बाजार में एक साथ चलेंगे। केंद्रीय बैंक ने इससे पहले साल 2009 में भी पॉलीमर नोट लाने का विचार किया था, लेकिन तब कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था।

ट्रायल के लिए सिर्फ ₹10 और ₹20 के नोट ही क्यों?

आरबीआई ने इस ट्रायल की शुरुआत छोटे नोटों से ही क्यों की, इसके पीछे एक ठोस आर्थिक रणनीति है। देश में सर्कुलेशन में मौजूद कुल नोटों में ₹10 और ₹20 के नोटों की संख्या करीब 25 प्रतिशत है। हालांकि, इनकी कुल बाजार वैल्यू महज 1.4 प्रतिशत ही है। ऐसे में अगर ट्रायल के दौरान कोई तकनीकी या व्यावहारिक समस्या आती है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर इसका कोई खास नकारात्मक आर्थिक असर नहीं पड़ेगा।

पॉलीमर नोटों के फायदे: ज्यादा टिकाऊ, कम लागत

प्लास्टिक या पॉलीमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत इनकी मजबूती और लंबी उम्र है। ये नोट नमी, पानी और गंदगी से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं और आम कागजी नोटों की तरह जल्दी नहीं फटते। इस टिकाऊपन की वजह से आम लोगों को फटे नोटों की झंझट से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही, करेंसी की उम्र लंबी होने से बार-बार नए नोट छापने में लगने वाली आरबीआई की भारी लागत में भी बड़ी कमी आएगी।

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