टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदते समय अक्सर लोग करते हैं ये बड़ी भूल
आज के इस भागदौड़ भरी जिंदगी और अनिश्चित दौर में हर समझदार व्यक्ति अपने परिवार के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए टर्म इंश्योरेंस प्लान (Term Insurance Plan) खरीदने का फैसला जरूर करता है। जब बात परिवार के आर्थिक सुरक्षा कवच की आती है, तो एक सही टर्म प्लान चुनना सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों में से एक माना जाता है। लेकिन बाजार में अनगिनत बीमा कंपनियों (Insurance Companies) और तरह-तरह के प्रोडक्ट्स की भरमार होने के कारण अक्सर लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनके और उनके परिवार के लिए सबसे बेहतरीन पॉलिसी कौन सी होगी। कई बार लोग सिर्फ कम प्रीमियम के चक्कर में गलत पॉलिसी चुन लेते हैं, जिससे जरूरत के समय परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि आप भी अपने प्रियजनों के भविष्य को पूरी तरह से सुरक्षित करना चाहते हैं और एक परफेक्ट टर्म इंश्योरेंस खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको कुछ बेहद अहम बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए आज हम आपको बताते हैं कि टर्म इंश्योरेंस प्लान चुनते समय किन 5 मुख्य बातों को ध्यान में रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।
Claim Settlement Ratio: बीमा कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशो (CSR) और ट्रैक रिकॉर्ड करना न भूलें चेक
टर्म इंश्योरेंस खरीदते समय सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात जो आपको देखनी चाहिए, वह है संबंधित बीमा कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशो (Claim Settlement Ratio - CSR)। यह अनुपात हमें यह बताता है कि कंपनी ने अपने ग्राहकों द्वारा क्लेम किए गए मामलों में से कितने प्रतिशत मामलों का सफलतापूर्वक भुगतान किया है। हमेशा ऐसी बीमा कंपनियों का चुनाव करें जिनका क्लेम सेटलमेंट रेशो लगातार पिछले कुछ वर्षों से 95 प्रतिशत या उससे अधिक रहा हो। इसके साथ ही आपको कंपनी के 'अमाउंट सेटलमेंट रेशो' (Amount Settlement Ratio) पर भी नजर रखनी चाहिए क्योंकि यह यह दर्शाता है कि कंपनी ने कुल क्लेम की गई राशि का कितना हिस्सा चुकाया है। एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनी संकट के समय आपके परिवार को बिना किसी अनावश्यक कागजी कार्रवाई और परेशानी के समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे आपको मानसिक शांति मिलती है।
Adequate Cover Amount: अपनी सालाना आय का कम से कम 15 से 20 गुना होना चाहिए आपका सम एश्योर्ड
अक्सर लोग यह गलती करते हैं कि वे बहुत कम कवर राशि (Sum Assured) वाला टर्म प्लान खरीद लेते हैं, जो भविष्य में महंगाई और परिवार की जरूरतों के हिसाब से नाकाफी साबित होता है। वित्तीय विशेषज्ञों का यह मानना है कि आपके टर्म इंश्योरेंस का कवर आपकी वर्तमान वार्षिक आय (Annual Income) का कम से कम 15 से 20 गुना होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आपकी साल भर की कमाई 10 लाख रुपये है, तो आपका टर्म कवर कम से कम 1.5 से 2 करोड़ रुपये का होना चाहिए। इस कवर राशि का निर्धारण करते समय आपको अपने परिवार के दैनिक खर्चों, बच्चों की उच्च शिक्षा, उनके विवाह, सिर पर चल रहे होम लोन या अन्य कर्ज और भविष्य की महंगाई दर को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है ताकि आपके न रहने पर भी परिवार को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
Policy Term and Riders: सही पॉलिसी अवधि का चुनाव करें और अपनी जरूरत के हिसाब से राइडर्स जोड़ना न भूलें
टर्म इंश्योरेंस हमेशा सही उम्र और सही समय अवधि (Policy Term) के लिए लिया जाना चाहिए। यदि आप कम उम्र में यानी 25 से 30 साल की उम्र में टर्म प्लान लेते हैं, तो आपको बहुत कम प्रीमियम में लंबा कवर मिल जाता है। पॉलिसी की अवधि तय करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप तब तक के लिए कवर लें जब तक आपके बच्चे आत्मनिर्भर नहीं हो जाते या जब तक आप सेवानिवृत्त (Retire) नहीं हो जाते। इसके अलावा, बेसिक टर्म प्लान के साथ मिलने वाले राइडर्स (Riders) जैसे कि क्रिटिकल इलनेस राइडर (Critical Illness Rider), एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर (Accidental Death Benefit Rider) और वेवर ऑफ प्रीमियम (Waiver of Premium) को अपनी पॉलिसी में जरूर शामिल करें। ये अतिरिक्त राइडर्स मामूली सा अतिरिक्त प्रीमियम देने पर आपके बीमा कवर के दायरे को और अधिक व्यापक और मजबूत बना देते हैं।
Medical History Transparency: मेडिकल हिस्ट्री और जीवनशैली से जुड़ी जानकारियां छुपाना पड़ सकता है भारी, हमेशा रहें पूरी तरह पारदर्शी
कई लोग बीमा एजेंट के कहने पर या प्रीमियम को कम करवाने के चक्कर में अपने स्वास्थ्य, पुरानी बीमारियों, धूम्रपान (Smoking) या शराब पीने की आदतों से जुड़ी जानकारियां फॉर्म भरते समय छुपा लेते हैं। आपको यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि बीमा कंपनी से अपनी मेडिकल हिस्ट्री छुपाना आपके परिवार के लिए भविष्य में बहुत बड़ा खतरा बन सकता है। क्लेम मिलने के वक्त जब बीमा कंपनियां दस्तावेजों की गहरी जांच करती हैं और यदि उन्हें कोई भी बात छिपाई हुई मिलती है, तो वे आपके क्लेम को सीधे तौर पर खारिज (Reject) कर सकती हैं। इसलिए, पॉलिसी लेते समय अपनी उम्र, मेडिकल रिकॉर्ड और स्मोकिंग या ड्रिंकिंग की आदतों का पूरा और सच्चा विवरण दें ताकि भविष्य में आपके परिवार को क्लेम मिलने में किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक रुकावट का सामना न करना पड़े।