महज 15 दिनों में 15 रुपये महंगी हुई चीनी! आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि आसमान छू रहे हैं दाम

महज 15 दिनों में 15 रुपये महंगी हुई चीनी! आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि आसमान छू रहे हैं दाम

त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश के बाजारों में चीनी के दामों में अचानक भारी उछाल देखने को मिला है, जिससे खुदरा बाजार में चीनी का भाव पहली बार 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक पिछले केवल 15 दिनों के भीतर ही चीनी की कीमतों में करीब 15 रुपये प्रति किलो तक की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई है, जिसके पीछे सीजन के अंत में कम भंडार और मांग के मुकाबले आपूर्ति में भारी कमी को मुख्य वजह माना जा रहा है।

इस वजह से बढ़ रहे हैं दाम

व्यापारियों और जानकारों का कहना है कि इस साल गन्ने के कुल उत्पादन में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग पांच प्रतिशत की कमी आई है, जिसका सीधा असर बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर पड़ा है। इसके साथ ही, चीनी मिलों द्वारा अधिक मुनाफे के लालच में गन्ने के रस या सीरप से चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल के उत्पादन को प्राथमिकता देना भी एक बड़ा कारण रहा है। पेट्रोल और शराब निर्माण करने वाली कंपनियों की तरफ से एथेनॉल की लगातार बढ़ती मांग के चलते मिलों ने चीनी का उत्पादन घटा दिया है, जिससे मौजूदा संकट और गहरा गया है।

रक्षाबंधन और दिवाली से पहले मिठाई कारोबार पर संकट के बादल

रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों की कतार लगने वाली है, ऐसे में बाजार में चीनी की किल्लत से मिठाई कारोबारियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मिठाई बनाने में कुल लागत का बड़ा हिस्सा चीनी का होता है और वर्तमान में मांग के मुकाबले केवल आधी ही आपूर्ति मिल पा रही है, जिससे कच्चे माल की लागत 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। हालांकि सरकार ने व्यावसायिक सिलिंडर पर राहत दी है, लेकिन चीनी की बेकाबू कीमतें और सरकार द्वारा 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक खपत वाले डीलरों पर 15 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने की रोक (जो 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रभावी है) ने कारोबारियों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

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