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Up Kiran, Digital Desk: पठानकोट ज़िले में रावी और उज नदियों ने भारी तबाही मचाई, जिससे दो दिनों तक हर जगह पानी ही पानी दिखाई दिया। अब हालात थोड़े सुधरने के बाद नुकसान सामने आने लगा है। यहाँ रावी और उज नदियों ने ज़िले के भीतर लोगों के घरों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुँचाया। भारत-पाक सीमा भी इसकी चपेट से बच नहीं पाई।
बामियाल सेक्टर में भारत-पाक सीमा पर पहाड़ीपुर स्थित भारतीय चौकी के नज़ारे देखने लायक हैं, जो रावी और उज नदियों से हुए नुकसान के बाद सामने आए। कहीं कंटीले तार क्षतिग्रस्त हो गए तो कहीं चौकी की इमारत एक तरफ झुक गई। इतना ही नहीं, रावी नदी के उस पार भारत-पाक सीमा पर स्थित पठानकोट ज़िले और गुरदासपुर ज़िले के लगभग 7 गाँव टापू बन गए हैं जहाँ फंसे हुए लोगों को राशन पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक भी इस बीएसएफ चौकी का दौरा करने विशेष रूप से पहुँचे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि भारत-पाक सीमा और रावी नदी के बीच परयाल, लसियां और उसके आस-पास के 7 गाँव टापू बन गए हैं; अभी तक उन तक कोई रसद नहीं पहुँचाई गई है, लेकिन आज प्रशासन उनकी मदद करने की कोशिश कर रहा है। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक भी पहाड़ीपुर चौकी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बताया कि पहाड़ी पर स्थित चौकी को भी काफ़ी नुकसान पहुँचा है। भारत-पाक सीमा और रावी नदी के बीच बसे 7 गाँवों तक रसद पहुँचाई जा रही है।
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