कोरोना संकट के बीच कोर्ट का बड़ा फैसला, मास्क को लेकर दिया ये अहम आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कार में अकेले हों तो भी मास्क पहनना जरूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अकेले वाहन (कार) चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है। जज प्रतिभा सिंह की बेंच ने एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया।

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अदालत ने कहा कि मास्क से कोविड-19 का संक्रमण नहीं फैलता है। मास्क एक सुरक्षा कवच है, जो पहनने वाले के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा करता है। एक वकील सौरभ शर्मा ने कार में अकेले बिना मास्क के पकड़े जाने पर दिल्ली पुलिस की ओर से चालान काटे जाने के विरूद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सौरभ शर्मा बीते बीस वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे हैं।

मास्क ना होने पर पांच सौ रुपये का जुर्माना

नौ सितंबर को जब वे अपने दफ्तर जा रहे थे तो गीता कालोनी में दिल्ली पुलिस ने उनकी कार को रोका। एक अधिकारी ने पहले उनका कार में बैठे हुए फोटो लिया और उन्हें कार से उतरने को कहा। कार से उतरकर पूछताछ करने पर पुलिस वालों ने बताया कि मास्क नहीं पहनने की वजह से पांच सौ रुपये का जुर्माना लगेगा।

याचिकाकर्ता ने पुलिस अफसरों को समझाने की कोशिश की कि चूंकि वह कार में अकेले यात्रा कर रहा है इसलिए उसने कोई अपराध नहीं किया है। याचिकाकर्ता ने पुलिस अफसरों से वह आदेश दिखाने को कहा, जिसमें कोई व्यक्ति अकेले निजी वाहन में यात्रा कर रहा है तो उसे मास्क पहनना जरूरी करने का प्रावधान हो लेकिन पुलिस अधिकारियों ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिखाया। पुलिस अधिकारियों ने याचिकाकर्ता की बातों को अनसुना कर पांच सौ रुपये का चालान काट दिया। जब पुलिसवाले नहीं माने तो याचिकाकर्ता ने विरोधस्वरुप चालान की रकम जमा की।

याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि वाहन चलाते समय मास्क पहनना अप्रैल, 2020 में ही अनिवार्य कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील जोबी पी वर्गीश ने कहा कि 4 अप्रैल, 2020 के आदेश के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि अकेले वाहन चलाने वाले को मास्क पहनना जरूरी नहीं है।

17 सितंबर, 2020 को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वकील केसी मित्तल, जोबी वर्गीश और युगनेश मित्तल ने मानसिक प्रताड़ना की एवज में याचिकाकर्ता को दस लाख रुपये का हर्जाना देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि याचिकाकर्ता का चालान गैरकानूनी रूप से काटा गया है और पुलिस वालों ने सार्वजनिक रुप से उसे प्रताड़ित किया है।

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