शर्मनाक : 21 साल की युवती से वेंटिलेटर पर दुष्कर्म

पुलिस ने  दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये दोनों सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे। पुलिस फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवती के साथ दरिंदगी 22 से 27 अक्टूबर के बीच हुई है। 

नयी दिल्ली। हरियाणा में 21 वर्षीय युवती से गुड़गांव में फोर्टिस अस्पताल में दुष्कर्म किया गया है। युवती वेंटिलेटर पर भर्ती थी। तभी यह दरिंदगी की गई। पुलिस ने  दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये दोनों सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे। पुलिस फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवती के साथ दरिंदगी 22 से 27 अक्टूबर के बीच हुई है।

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चूंकि युवती बीमार है और दुष्कर्म के बाद वह होश में भी नहीं थी इसलिए उसने 28 अक्टूबर को अपने पिता को टूटे-फूटे शब्दों में लिखकर आरोपियों की घिनौनी हरकत की जानकारी दी।

पिता ने 28 अक्टूबर को ही पुलिस को शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया। पिता ने शिकायत में बताया कि सांस में तकलीफ के चलते 21 अक्टूबर को उसकी 21 साल की बेटी को सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत सुधरने की बजाय और बिगड़ जाने की वजह से अगले दिन 22 अक्टूबर को आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया।

इस शिकायत के बाद थाना सुशांत लोक पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं पीड़ित लड़की का आरोप है कि जब वो वेंटिलेटर पर पूरी तरह होश में नहीं थी, तब इस वारदात को अंजाम दिया गया है। उसने आरोपी का नाम विकास बताया है।

स्टाफ पर शक

फिलहाल इस मामले की जांच डीसीपी ईस्ट मकसूद अहमद कर रहे हैं।  पुलिस ने अस्पताल से कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी मांगा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती बयान देने की स्थिति में नहीं है। अस्पताल जांच में सहयोग कर रहा है। पुलिस को शक है कि आरोपी अस्पताल के मौजूदा या पूर्व कर्मचारी हो सकते हैं।

उधर फोर्टिस प्रशासन का भी कहना है कि इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत आने के बाद हमने पुलिस को सूचना दे दी थी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर को तलब किया

इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब किया है। आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने पुलिस कमिश्नर केके राव को पत्र लिखकर जल्द से जल्द मामले की जांच पूरी करने को कहा है। इसके साथ ही आयोग ने अस्पताल के सीईओ को निर्देश दिए हैं कि वह अस्पताल में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करे।

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