19 साल के करियर में रणबीर कपूर के लिए कितना शुभ रहा नवंबर? फ्लॉप डेब्यू, 2 हिट—क्या ‘रामायण’ से चुकता होगा हिसाब?
भारतीय सिनेमा में अपनी बेहतरीन अदाकारी, चार्म और दमदार किरदारों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर आज इंडस्ट्री के सबसे भरोसेमंद और बैंकबल अभिनेताओं में से एक हैं। लगभग दो दशकों के अपने करियर में रणबीर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। लेकिन जब बात साल के 11वें महीने यानी 'नवंबर' की आती है, तो रणबीर कपूर का इस महीने से एक बहुत ही अनोखा और मिश्रित (Mixed) रिश्ता रहा है। 19 साल लंबे अपने फिल्मी सफर में रणबीर कपूर की किस्मत नवंबर के महीने में कैसी रही? जहाँ एक तरफ इसी महीने उन्होंने एक फ्लॉप डेब्यू के साथ इंडस्ट्री में कदम रखा था, वहीं दूसरी तरफ इसी महीने दो ब्लॉकबस्टर हिट्स ने उनके करियर की दिशा बदल दी। अब जब नितेश तिवारी की महाकाव्यात्मक फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चारों तरफ जबरदस्त चर्चा है, तो फैंस और ट्रेड एनालिस्ट्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रणबीर कपूर का नवंबर से जुड़ा यह पुराना हिसाब ‘रामायण’ के जरिए पूरी तरह से चुकता हो पाएगा?
नवंबर 2007: ‘सांवरिया’ से फ्लॉप डेब्यू और रणबीर के करियर का पहला झटका
रणबीर कपूर ने साल 2007 में संजय लीला भंसाली की भव्य फिल्म ‘सांवरिया’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्म को लेकर दर्शकों और मीडिया में गजब का बज था, लेकिन नवंबर 2007 में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के साथ हुए बड़े क्लैश के कारण ‘सांवरिया’ बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई और रणबीर कपूर का डेब्यू फ्लॉप साबित हुआ। हालांकि फिल्म के गाने और रणबीर के तौलिए वाले डांस स्टेप (जब से तेरे नैना) ने खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन आर्थिक रूप से यह डेब्यू रणबीर के लिए एक दर्दनाक अनुभव रहा। इस तरह नवंबर महीने ने रणबीर कपूर के फिल्मी करियर की शुरुआत एक करारे झटके के साथ की थी।
नवंबर 2009 और 2011: ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ और ‘रॉकस्टार’ से बदला पासा
‘सांवरिया’ के झटके से उबरने के बाद नवंबर का महीना रणबीर कपूर के लिए एक बार फिर किस्मत चमकाने वाला साबित हुआ। नवंबर 2009 में रिलीज हुई निर्देशक राजकुमार संतोषी की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ (कटरीना कैफ के साथ) ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कमाई की और सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म ने रणबीर को युवाओं का चहेता स्टार बना दिया। इसके ठीक दो साल बाद, नवंबर 2011 में इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रॉकस्टार’ थिएटर्स में उतरी। जनार्दन जाखड़ उर्फ 'जॉर्डन' के किरदार में रणबीर की अदाकारी ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। ‘रॉकस्टार’ न केवल बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी हिट साबित हुई, बल्कि इसने रणबीर कपूर को एक मंजे हुए और गंभीर अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया। इस तरह नवंबर ने रणबीर को उनके करियर की दो सबसे यादगार फिल्में दीं।
नवंबर का लेखा-जोखा: सफलता और असफलता का मिला-जुला गणित
अगर रणबीर कपूर के 19 साल के करियर का बारीक विश्लेषण किया जाए, तो नवंबर का महीना उनके लिए पूरी तरह से 'हिट या मिस' (Hit or Miss) वाला रहा है। जहाँ ‘सांवरिया’ (2007) और बाद में आई ‘बॉम्बे वेलवेट’ (जिसकी घोषणाएं और बज कई बार नवंबर में चर्चा में रहे) जैसी फिल्मों ने निराशा दी, वहीं ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ और ‘रॉकस्टार’ जैसी कालजयी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम की ऊंचाइयों पर पहुंचाया। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि नवंबर का महीना रणबीर कपूर के लिए हमेशा से एक महत्वपूर्ण मोड़ (Turning Point) साबित होता आया है। इस महीने में रिलीज या अनाउंस होने वाले उनके प्रोजेक्ट्स ने हमेशा उनके करियर की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
क्या ‘रामायण’ से चुकता होगा नवंबर का पुराना हिसाब?
अब सबकी निगाहें बॉलीवुड के इतिहास के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट यानी नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ पर टिकी हुई हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्री राम के पावन किरदार को बड़े पर्दे पर साकार कर रहे हैं। फिल्म के वीएफएक्स (VFX), भव्य सेट्स और बजट को लेकर पहले ही इतिहास रचा जा चुका है। माना जा रहा है कि फिल्म का टीजर, पहला लुक या रिलीज विंडो का बड़ा हिस्सा मेकर्स नवंबर के खास मौके पर दर्शकों के सामने ला सकते हैं। फैंस का मानना है कि रणबीर कपूर ने ‘रामायण’ के लिए जिस तरह की कड़ी मेहनत, बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन और अनुशासन दिखाया है, वह उनके करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन साबित होगा। क्या यह महाकाव्यात्मक फिल्म नवंबर के महीने से जुड़े उनके पुराने सारे उतार-चढ़ाव और फ्लॉप्स का हिसाब एक झटके में चुकता कर देगी? इसका जवाब तो आने वाला वक्त ही देगा, लेकिन उत्साह अपने चरम पर है।
19 सालों का अनुभव और आगे का स्वर्णिम सफर
अपने 19 साल के सफर में रणबीर कपूर ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल स्टार किड होने के दम पर नहीं, बल्कि अपनी अभिनय क्षमता और विषय चयन के दम पर टिके हुए हैं। ‘बर्फी’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘संजू’ और ‘एनिमल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर हजारों करोड़ का कारोबार किया है। अब जब वे ‘रामायण’ जैसी महान गाथा से जुड़ चुके हैं, तो नवंबर का महीना उनके फैंस के लिए हमेशा एक खास भावनात्मक महत्व रखेगा। बॉलीवुड इंडस्ट्री और उनके करोड़ों चाहने वाले यही उम्मीद कर रहे हैं कि रणबीर की आने वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़कर नवंबर के इस सफर को हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा देंगी।