अरमान मलिक का गाना, सलमान खान की आवाज! 'मैं हूं हीरो तेरा' के पीछे का सालों पुराना 'बड़ा राज' हुआ बेनकाब
बॉलीवुड में गानों को लेकर अक्सर कई दिलचस्प किस्से सुनने को मिलते हैं, लेकिन 2015 की फिल्म 'हीरो' के टाइटल ट्रैक 'मैं हूं हीरो तेरा' का राज सबसे अलग है। फिल्म का यह गाना रिलीज होते ही चार्टबस्टर बन गया था और सलमान खान की आवाज में इसे खूब पसंद भी किया गया। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इस गाने की पहली रिकॉर्डिंग अरमान मलिक (Armaan Malik) की आवाज में हुई थी? सालों बाद अब यह साफ हो गया है कि आखिर क्यों निर्माताओं ने अरमान की बेहतरीन आवाज को दरकिनार कर सलमान खान से यह गाना गवाया।
अरमान मलिक ने रिकॉर्ड किया था ओरिजिनल वर्जन
संगीत जगत के सूत्रों के अनुसार, अरमान मलिक ने इस गाने को बहुत ही संजीदगी और बारीकी से रिकॉर्ड किया था। फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर अमाल मलिक ने जब इस गाने को कंपोज किया था, तो अरमान की आवाज इस धुन के साथ पूरी तरह फिट बैठ रही थी। अरमान का वर्जन बेहद मधुर और सॉफ्ट था, जिसे सुनकर सबने यही सोचा था कि यही गाना फिल्म की जान बनेगा। लेकिन, बैकस्टेज कुछ और ही खेल चल रहा था।
सलमान खान का 'फैसला' और मेकर्स की मजबूरी
जब सलमान खान ने अरमान मलिक का गाया हुआ वर्जन सुना, तो उन्हें गाना तो बहुत पसंद आया, लेकिन फिल्म के प्रमोशन और मार्केटिंग के लिहाज से उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। कहा जाता है कि सलमान खान ने खुद इस गाने को अपनी आवाज देने का फैसला किया। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण फिल्म का प्रमोशन था। सलमान खान जानते थे कि अगर फिल्म का टाइटल ट्रैक उनकी खुद की आवाज में होगा, तो यह न केवल जनता के बीच सीधे जुड़ेगा, बल्कि फिल्म की ओपनिंग को भी एक जबरदस्त बूस्ट मिलेगा।
क्यों सलमान की आवाज पर लगी मुहर?
फिल्म की मार्केटिंग स्ट्रेटजी के तहत सलमान खान का स्टारडम इस्तेमाल करना जरूरी था। अरमान मलिक की आवाज एक प्रोफेशनल सिंगर की तरह थी, लेकिन सलमान खान की आवाज में वह 'भावुकता और अपनापन' था जो सीधे दर्शकों के दिल को छू गया। सलमान का 'हीरो' के रूप में खुद गाना गाना, फिल्म की ब्रांडिंग के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। हालांकि, इस फैसले ने अरमान मलिक के प्रशंसकों को जरूर निराश किया, लेकिन व्यावसायिक दृष्टि से यह 'सुपरहिट' साबित हुआ।
सालों बाद भी चर्चा में है यह किस्सा
आज भी जब इस गाने की बात होती है, तो म्यूजिक लवर्स यही कहते हैं कि अरमान का वर्जन भी किसी से कम नहीं था। खुद अरमान मलिक ने भी कई इंटरव्यूज में इस बात को बड़े ही शालीनता से स्वीकार किया है कि वह इसे अपने करियर का एक लर्निंग फेज मानते हैं। इस गाने के पीछे का यह राज आज भी साबित करता है कि बॉलीवुड में कभी-कभी टैलेंट से ऊपर 'स्टार पावर' और 'बिजनेस स्ट्रैटेजी' को रखा जाता है।