विजय सलगांवकर की रफ्तार: बॉक्स ऑफिस पर Drishyam 3 ने रचा नया इतिहास, 300 करोड़ पार कर तोड़े सारे रिकॉर्ड्स
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे बुद्धिमान, सतर्क और अपने परिवार की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने वाले किरदारों की बात होती है, तो अजय देवगन द्वारा निभाए गए 'विजय सलगांवकर' का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है। सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर दृश्यम फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी यानी 'दृश्यम 3' (Drishyam 3) ने बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होते ही ऐसा अभूतपूर्व गदर मचाया है कि फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े और पुराने रिकॉर्ड्स धूल में मिल गए हैं। अपनी तेज रफ्तार, दिमाग को घुमा देने वाली कहानी और अचूक निर्देशन के दम पर विजय सलगांवकर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बेहतरीन कंटेंट और दमदार अभिनय के आगे बड़े-बड़े बजट की फिल्में भी पानी कम मांगती हैं। फिल्म ने सिनेमाघरों में आते ही बॉक्स ऑफिस पर जो सुनामी लाई है, उसने चंद ही दिनों के भीतर 300 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार करते हुए भारतीय बॉक्स ऑफिस पर एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। दर्शक एक बार फिर 2 अक्टूबर और 3 अक्टूबर की उस प्रसिद्ध मिस्ट्री को बड़े पर्दे पर देखने के लिए सिनेमाघरों की ओर ऐसे भागे हैं कि ट्रेड एनालिस्ट्स और बॉक्स ऑफिस पंडितों के सारे अनुमान धरे के धरे रह गए हैं।
विजय सलगांवकर का वही पुराना अंदाज और दर्शकों को जकड़ लेने वाला सस्पेंस
दृश्यम फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहानी का वह कसा हुआ जाल होता है जिसमें दर्शक पहली ही फ्रेम से उलझते चले जाते हैं। 'दृश्यम 3' में एक बार फिर से केबल ऑपरेटर से लेकर एक सामान्य परिवार के मुखिया बने विजय सलगांवकर की जिंदगी के उस नए और खतरनाक अध्याय को दिखाया गया है जिसे देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। इस बार कहानी के तार इतने उलझे हुए हैं कि इंटरवल तक आते-आते दर्शक यह अनुमान लगाने में असमर्थ हो जाते हैं कि अगली चाल किसकी होगी। फिल्म के निर्देशक ने पटकथा को इस प्रकार बुना है कि स्क्रीन पर चल रही हर एक घटना दर्शकों को अपनी कुर्सी से बांधे रखती है। विजय सलगांवकर का शांत स्वभाव, उनकी तेज आंखें और पुलिस व कानून के शिकंजे से बचने के लिए उनके द्वारा चली जाने वाली मानसिक चालें इस फिल्म की जान हैं। सिनेमाघरों में फिल्म देखते वक्त जब-जब विजय सलगांवकर कोई नया पैंतरा चलते हैं, तब-तब पूरा सिनेमा हॉल तालियों और सीटियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता है।
बॉक्स ऑफिस पर सुनामी: चंद दिनों में 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर रचे नए आयाम
किसी भी फिल्म के लिए 300 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होना एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता है, लेकिन 'दृश्यम 3' ने इस आंकड़े को जिस रफ्तार से छुआ है, उसने सभी को चकित कर दिया है। फिल्म ने रिलीज के पहले दिन से ही बॉक्स ऑफिस पर जो टिकट खिड़की पर कब्जा जमाया, वह दिनों-दिन और अधिक मजबूत होता चला गया। वीकडेज में भी दर्शकों की भारी भीड़ और वीकेंड पर हाउसफुल जा रहे शोज़ ने यह साबित कर दिया कि माउथ पब्लिसिटी किसी भी मार्केटिंग स्ट्रेटजी से बहुत बड़ी होती है। परिवार के साथ फिल्म देखने आने वाले दर्शकों की संख्या में भारी उछाल देखा गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि यह एक संपूर्ण फैमिली थ्रिलर मूवी है। 300 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन का आंकड़ा पार करने के साथ ही इस फिल्म ने कई बड़े स्टार्स की फिल्मों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की सूची में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करा लिया है।
उत्तर प्रदेश और देश भर के सिनेमाघरों में उमड़ी भारी भीड़ और जश्न का माहौल
भारतीय सिनेमा के प्रति दीवानगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में 'दृश्यम 3' को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज और आगरा जैसे प्रमुख शहरों के मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में हर एक शो हाउसफुल चल रहा है। उत्तर प्रदेश के सिनेप्रेमियों के बीच विजय सलगांवकर का यह किरदार इस कदर लोकप्रिय हो चुका है कि लोग फिल्म देखने के बाद सिनेमा हॉल के बाहर उसी सस्पेंस और क्लाइमेक्स पर लंबी चर्चा करते नजर आते हैं। स्थानीय सिनेमाघरों के बाहर युवाओं और परिवारों की लंबी कतारें यह बताने के लिए काफी हैं कि क्षेत्रीय स्तर पर भी इस सस्पेंस थ्रिलर का जादू किस तरह सिर चढ़कर बोल रहा है। उत्तर प्रदेश के व्यापारियों और युवाओं का मानना है कि इस तरह की बेहतरीन और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्में भारतीय सिनेमा की असली ताकत हैं।
हिंदी सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है Drishyam 3 की सफलता
'दृश्यम 3' की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का स्पष्ट संदेश देती है कि अब दर्शक केवल दिखावे और भारी-भरकम एक्शन के बजाय एक मजबूत कहानी, दमदार पटकथा और बेहतरीन अभिनय को तवज्जो देते हैं। अजय देवगन के करियर की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शुमार हो चुकी इस फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट में दम हो, तो सीक्वल फिल्में भी पहले भागों से कहीं अधिक बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती हैं। फिल्म के संवाद, बैकग्राउंड म्यूजिक और हर एक किरदार का अभिनय इस स्तर का है कि वह लंबे समय तक दर्शकों के जेहन में ताजा रहेगा। जैसे-जैसे यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए-नए रिकॉर्ड्स को तोड़ती हुई आगे बढ़ रही है, फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह कई और बड़े मुल्कों और प्लेटफॉर्म्स पर भी नए इतिहास रचेगी। विजय सलगांवकर की यह रफ्तार रुकने का नाम नहीं ले रही है और दर्शक इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस फ्रेंचाइजी का सफर यहीं थमेगा या आगे भी कोई नया रहस्य पर्दाफाश होने के लिए बाकी है।