विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी के बाद ऑनस्क्रीन रोमांस कहां खा गया मात
भारतीय सिनेमा जगत में जब भी किसी ऑन-स्क्रीन जोड़ी की असल जिंदगी की केमिस्ट्री पर्दे पर उतरती है, तो दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर होता है। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) और राष्ट्रीय क्रश बन चुकी खूबसूरत अभिनेत्री रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) की जोड़ी को लेकर फैंस के बीच हमेशा से ही एक अलग दीवानगी देखने को मिलती रही है। हाल ही में दोनों की शादी की चर्चाओं और निजी जिंदगी की खबरों के बीच जब उनकी नई मेगा बजट फिल्म 'रणबाली' (Ranbaali) सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो फैंस को उम्मीद थी कि यह जोड़ी पर्दे पर आग लगा देगी। लेकिन फिल्म के रिलीज होने के बाद जो पब्लिक रिव्यू (Public Review) सामने आ रहे हैं, वे थोड़े हैरान करने वाले हैं। सिनेमाघरों के बाहर से आ रही जनता की प्रतिक्रिया और फिल्म समीक्षकों की राय के मुताबिक, शादी के बाद पहली बार इस लोकप्रिय जोड़ी का ऑन-स्क्रीन रोमांस और फिल्म की पटकथा दर्शकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरने में मात खा गई है। आइए एक सिनेमा और फिल्म क्रिटिक रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि 'रणबाली' की यह गाड़ी कहां ट्रैक से उतर गई और जनता ने इस पर क्या तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या थी दर्शकों की उम्मीदें और क्यों 'रणबाली' को लेकर बना हुआ था भारी क्रेज?
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी ने इससे पहले जब भी सिल्वर स्क्रीन पर साथ काम किया, बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने हमेशा से दिल से सराहा है। यही वजह थी कि जब 'रणबाली' का टीजर और रोमांटिक गाने रिलीज हुए थे, तो सोशल मीडिया पर इसे लेकर करोड़ों व्यूज मिले थे। फैंस यह देखने के लिए बेताब थे कि शादी के बाद असल जिंदगी के इस खूबसूरत रिश्ते का जादू बड़े पर्दे पर कैसा असर दिखाता है। फिल्म के निर्माताओं ने भी इसके प्रमोशन में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी और इसे एक भव्य प्रेम कहानी के रूप में पेश किया गया था। लेकिन सिनेमाघरों के अंदर पहले दिन का पहला शो देखने के बाद जब दर्शक बाहर निकले, तो उनके चेहरों पर वह उत्साह गायब था जो फिल्म रिलीज होने से पहले सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा था।
कहां खा गई मात ऑनस्क्रीन रोमांस की जादूगरी? कमजोर पटकथा और लचर निर्देशन पर उठे सवाल
पब्लिक रिव्यू और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स का विश्लेषण करें तो यह साफ नजर आता है कि फिल्म का सबसे बड़ा कमजोर पक्ष इसकी कमजोर और घिसी-पिसी पटकथा (Weak Script) रही है। निर्देशक ने विजय देवरकोंडा की एक्शन हीरो वाली छवि और रश्मिका मंदाना की चुलबुली व भावनात्मक अदाओं को भुनाने की कोशिश तो पूरी की, लेकिन दोनों के बीच के रोमांटिक दृश्यों को जिस गहराई और संवेदनशीलता के साथ पिरोया जाना चाहिए था, वह गायब दिखा। गाने और भव्य सेट बहुत शानदार थे, लेकिन जब कहानी आगे बढ़ती है तो संवाद और परिस्थितियां इतनी कृत्रिम लगने लगती हैं कि दर्शक उस प्रेम कहानी से खुद को जोड़ नहीं पाते। जहां फैंस यह उम्मीद कर रहे थे कि शादी के बाद की परिपक्वता पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री में चार चांद लगाएगी, वहीं स्क्रीन पर दोनों की ऊर्जा थोड़ी बेमेल और थकी हुई नजर आई, जिससे सारा रोमांस फीका पड़ गया।
विजय देवरकोंडा का अभिनय और रश्मिका की मौजूदगी: क्या दर्शकों को बचा पाई यह जोड़ी?
फिल्म में अभिनय की बात करें तो विजय देवरकोंडा ने अपने हिस्से का एक्शन और इंटेंस सीन्स पूरी शिद्दत से निभाने की कोशिश की है, लेकिन खराब डायरेक्शन के कारण उनके किरदार का प्रभाव ज्यादा देर टिक नहीं पाता। वहीं रश्मिका मंदाना अपनी खूबसूरत मुस्कान और भावनात्मक दृश्यों में हमेशा की तरह प्यारी लगी हैं, लेकिन उनके किरदार को कहानी में बहुत सीमित जगह दी गई है, जिससे वे अपनी अभिनय क्षमता का पूरा प्रदर्शन करने से चूक गईं। दोनों कलाकारों के बीच की जो सहज केमिस्ट्री उनकी पिछली फिल्मों में देखने को मिलती थी, वह इस बार डायरेक्टर के विजन की कमी के कारण पर्दे पर प्रभावी ढंग से जादू नहीं बिखेर पाई। यही कारण है कि दर्शक सोशल मीडिया पर यह कहते नजर आ रहे हैं कि कलाकारों की मेहनत अपनी जगह थी, लेकिन खराब स्क्रिप्ट ने सब कुछ डुबो दिया।
बॉक्स ऑफिस पर असर और आने वाले दिनों की चुनौतियां: क्या संभल पाएगी फिल्म?
फिल्म 'रणबाली' के पहले दिन के शुरुआती आंकड़े और माउथ पब्लिसिटी (Word of Mouth) बहुत ज्यादा उत्साहजनक नहीं रहे हैं। जिस तरह की बंपर ओपनिंग की उम्मीद ट्रेड एनालिस्ट कर रहे थे, फिल्म उस पर खरी उतरती नहीं दिख रही है। सिनेमाघरों से बाहर आने वाले आम दर्शकों का कहना है कि यदि वीकेंड पर फिल्म को दर्शकों को खींचना है, तो इसकी कमियों को दूर करना मुश्किल होगा क्योंकि आज का दर्शक कहानी में दम मांगता है, केवल सितारों के चेहरे पर फिल्म नहीं देखता। बहरहाल, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की यह बहुचर्चित फिल्म आने वाले हफ्तों में बॉक्स ऑफिस पर अपनी डूबती नैया को बचाने में कामयाब होती है या फिर यह उनके करियर की सबसे बड़ी असफलताओं में गिनी जाती है।