लीग मैच जालंधर में, फाइनल मोहाली में! जानिए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के टिकट और मैचों का पूरा शेड्यूल

लीग मैच जालंधर में, फाइनल मोहाली में! जानिए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के टिकट और मैचों का पूरा शेड्यूल

भारतीय हॉकी की ऐतिहासिक नर्सरी कहे जाने वाले जालंधर में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की भव्य वापसी होने जा रही है। पंजाब सरकार और हॉकी इंडिया के संयुक्त प्रयासों से 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक प्रतिष्ठित 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी' का आयोजन किया जाएगा। एशिया की शीर्ष हॉकी टीमों का यह महामुकाबला दो प्रमुख वेन्यू पर खेला जाएगा। जालंधर के बर्ल्टन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक सभी लीग मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल समेत पदक मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में 4 और 5 नवंबर को आयोजित होंगे। करीब 7,000 दर्शकों की क्षमता वाला जालंधर का यह ऐतिहासिक मैदान एक बार फिर विश्वस्तरीय हॉकी का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह स्टेडियम 1975 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम के मजबूत स्तंभ रहे स्वर्गीय ओलंपियन सुरजीत सिंह को समर्पित है। 1984 में गठित सुरजीत हॉकी सोसाइटी और सुरजीत हॉकी अकादमी ने इस क्षेत्र से लगातार वैश्विक स्तर के खिलाड़ी तैयार किए हैं। भारतीय हॉकी में जालंधर का प्रभाव इस कदर हावी है कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की वर्तमान भारतीय टीम में शामिल 6 प्रमुख सितारे—कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, गोलकीपर कृष्ण पाठक, दिलप्रीत सिंह और जरमनप्रीत सिंह इसी सुरजीत हॉकी अकादमी की तराशी हुई प्रतिभाएं हैं।

जालंधर के आसपास के ग्रामीण इलाकों की पहचान दुनिया भर में हॉकी के गढ़ के रूप में दर्ज है। शहर के बाहरी छोर पर बसा संसारपुर गांव 'हॉकी की नर्सरी' के नाम से विख्यात है, जिसने भारत और केन्या दोनों देशों के लिए दर्जनों ओलंपियन दिए हैं। वहीं नजदीकी गांव मीठापुर ने पूर्व दिग्गज कप्तान परगट सिंह से लेकर मौजूदा स्टार खिलाड़ियों की पौध तैयार की है। इसके अतिरिक्त, जालंधर 1940 के दशक से भारत का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग हब रहा है, जहां बने खेल उपकरण देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के अंतरराष्ट्रीय मैदानों में इस्तेमाल किए जाते हैं।

मैदान पर उतरने वाले दिग्गजों से लेकर खेल सामग्री तैयार करने वाले उद्योगों तक, जालंधर भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र की धड़कन बना हुआ है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इस महान खेल नगरी की समृद्ध विरासत का सबसे बड़ा जश्न बनने जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली खेल इतिहास से रूबरू होने का सीधा मौका मिलेगा।