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Up Kiran, Digital Desk: हिंदू धर्म में कुछ तिथियां इतनी विशेष मानी जाती हैं कि इनमें बिना किसी ज्योतिषी से परामर्श किए भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। इन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। ऐसी तिथियों पर किए गए कार्य बिना किसी विघ्न के संपन्न होते हैं। साल 2026 में बसंत पंचमी समेत पांच ऐसी तिथियां आ रही हैं, जो अबूझ मुहूर्त के तहत आती हैं। आइए जानें इन तिथियों के बारे में और क्यों ये इतनी खास मानी जाती हैं।

अबूझ मुहूर्त का महत्व

पारंपरिक शास्त्रों के अनुसार, जब ग्रहों की स्थिति और तिथियों का मिलाजुला संयोग शुभ होता है तो उस दिन को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इन तिथियों पर किसी प्रकार की परेशानी या रुकावट का सामना नहीं करना पड़ता, और यहां तक कि विवाह, गृह प्रवेश, या नया व्यापार शुरू करने जैसी महत्वपूर्ण क्रियाएं बिना किसी चिंता के की जा सकती हैं।

साल 2026 में महत्वपूर्ण अबूझ मुहूर्त

1. अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026)

अक्षय तृतीया हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख माह की तृतीया तिथि होती है। इस दिन को विशेष रूप से एक ऐसा मुहूर्त माना जाता है, जो किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए सबसे उपयुक्त है। इस दिन किए गए दान और कार्य कभी निष्फल नहीं जाते। खासकर सोना खरीदने और नए घर में प्रवेश के लिए यह दिन अत्यधिक शुभ माना जाता है।

2. फुलेरा दूज (19 फरवरी 2026)

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है। इसे श्री कृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक माना जाता है और ज्योतिष में इसे सबसे श्रेष्ठ अबूझ मुहूर्त माना गया है। यदि किसी के विवाह के लिए कोई उपयुक्त तिथि नहीं मिल रही हो, तो इस दिन विवाह करना अत्यंत शुभ होता है। 2026 में यह दिन शादी-ब्याह के लिए सबसे उपयुक्त रहेगा।

3. विजयादशमी (20 अक्टूबर 2026)

विजयादशमी, जो दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। शास्त्रों में इसे एक शक्तिशाली अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस दिन कोई भी नया कार्य शुरू करना विशेष रूप से लाभकारी होता है। नए वाहन की खरीदारी, अस्त्र-शस्त्र की पूजा और करियर में नई शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत शुभ होता है।

4. देवउठनी एकादशी (20 नवंबर 2026)

कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं, इस दिन भगवान विष्णु चार माह की योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन से सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से विवाह के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। अगर आप घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान या तुलसी विवाह करना चाहते हैं, तो यह दिन सबसे उपयुक्त रहेगा।