Agriculture Bill को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच अब Govt भी किसान संगठनों की तर्ज पर बिल के समर्थन में देश भर में अभियान चलाएगी। जिम्मेदारी मध्यप्रदेश कृषि मंत्री एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट कमल पटेल को सौंपी गई है। कमल पटेल केंद्रीय कृषि बिल को लेकर BJP नेताओं को ट्रेनिंग देकर बिल के फायदे भी बताएंगे। कृषि मंत्री कमल पटेल ने किसानों को कृषि बिल के फायदे बताने के लिए खेत पर चर्चा अभियान भी शुरू किया है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने शनिवार को इस संबंध में पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी Govt ने 2022 तक किसानों की आय डबल करने का संकल्प लिया है, इसलिए बिल में संशोधन किया है। कृषक उत्पाद व्यापार अधिनियम 2020, किसान उत्पाद करार अधिनियम और स्टॉक में छूट यह तीन बड़े फायदे हैं। किसान उत्पाद करार से फसल पैदा होने के पहले ही एग्रीमेंट के जरिए फसल बिक सकेगी। कमल पटेल ने विपक्ष पर किसानों को भडक़ाने का आरोप भी लगाया है ।
मध्य प्रदेश में निर्धारित होगी कृषि उपज की MRP
इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी उपज का अधिकतम फायदा दिलाने के लिये मेक्सिमम रिटेल प्राइस का निर्धारण किया जायेगा। जब कृषि उत्पादों की MRP निर्धारित होने लगेगी, तो किसानों को अपने उत्पादों का अधिकतम मूल्य मिल सकेगा और खेती हर हाल में लाभ का धंधा बनेगी। उपज का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) निर्धारित होने से एमएसपी की जरूरत ही नहीं रह जायेगी। किसान स्वयं अपनी उपज का दाम तय करेंगे। कमल पटेल ने कहा कि जरूरत होने पर MRP के निर्धारण के लिये आवश्यक मेकेनिज्म तैयार किया जायेगा।
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