चांदी के कड़े के लिए पोते ने कर दी दादी की हत्या, आठ दिन बाद ऐसे खुला राज

राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी 100 साल की दादी कि महज चांदी के कड़े के लिए...

राजस्थान। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी 100 साल की दादी कि महज चांदी के कड़े के लिए हत्या कर दी। आठ दिन बाद जब हत्या का राज खुला तो पोते व उसके एक सहयोगी को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। आरोपियों ने पुलिस के समक्ष वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया।

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घटना को लेकर निठाऊवा थानाधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि 14 जनवरी की रात को जब पोता नारायण (33) अपने सहयोगियों के साथ दादी के पैरों से चांदी के कड़े चुराने गया था तब सागोट निवासी उसकी दादी अमरी (100) पत्नी नाथिया मीणा जाग गईं। इस पर पोते ने चादर से मुंह दबा कर दादी को मार डाला और चांदी का कड़ा लेकर फरार हो गया। घरवालों ने 100 साल उम्र होने के कारन से इसे सामान्य मौत मानते हुए उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

घर वालों को था शक

हालांकि दादी के एक पैर का चांदी का कड़ा चोरी होने पर परिवारवालों को कुछ शक हुआ और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच पोता नारायण दादी का चांदी का कड़ा बेचने के लिए दुकान पर गया। कड़ा खरीदने वाले बदिया मीणा को जब पोते पर शक हुआ तो, उसने कड़ा रख लिया और रुपए बाद में देने को कहा। इसके बाद खरीदार ने दादी के बेटों मोगजी और जगदीश को कड़े के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने निठाउवा थाने में अपने भतीजे नारायण के खिलाफ हत्या का मामला केस दर्ज करा दिया।

पोते ने कबूला जुर्म

थानाधिकारी रज्जाक ने बताया कि बेटे मोगजी ने दादी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच की गई। पुलिस टीम ने आरोपी पोते नारायण मीणा (33) को बेणेश्वर धाम से हिरासत में ले लिया और पूछताछ की। इस पर उसने भरत, किशोर और ईश्वर के साथ मिलकर दादी के पैरों से कड़े निकालने की योजना बनाना कबूल किया। पुलिस ने पोते नारायण मीणा और भरत भोई को अरेस्ट कर लिया है जबकि सहयोगी किशोर साद और ईश्वर मीणा की तलाश की जा रही हैं।