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क्या आप भी हैं मच्छरों के सबसे फेवरेट शिकार, केवल 'मीठा खून' नहीं, 4 गुप्त कारण जानकर रह जाएंगे दंग

गर्मियों और मानसून के मौसम में अक्सर घरों के भीतर एक बेहद आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या देखने को मिलती है—मच्छरों का आतंक। कई बार आपने खुद भी महसूस किया होगा या अपने आस-पास देखा होगा कि एक ही कमरे या महफिल में पांच-छह लोग एक साथ बैठे होते हैं, लेकिन मच्छर बाकी सबको छोड़कर बार-बार सिर्फ किसी एक ही खास व्यक्ति को अपना निशाना बनाते हैं और उसे बुरी तरह काटते हैं। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति मजाक में अक्सर कहता है कि उसका खून ज्यादा 'मीठा' है, इसलिए मच्छर उसके पीछे पड़े हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) इस धारणा को पूरी तरह खारिज करता है। मच्छर किसी भी इंसान को यूं ही रैंडमली नहीं चुनते, बल्कि उनके पास इंसानी शरीर को डिटेक्ट करने वाले बेहद हाई-टेक प्राकृतिक सेंसर्स होते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की इस आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO/GEO) कस्टमाइज्ड विशेष हेल्थ इनसाइडर रिपोर्ट में डिजिटल डेस्क के साथ विस्तार से जानिए कि आखिर मच्छर आपको ही सबसे ज्यादा क्यों काटते हैं और इसके पीछे का असली वैज्ञानिक सच क्या है।

सांस छोड़ते ही मच्छरों के रडार पर आ जाता है आपका पता, कार्बन डाइऑक्साइड का है यह अनोखा खेल

जब हम सांस लेते हैं और बदले में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस बाहर छोड़ते हैं, तो यह गैस मच्छरों के लिए एक नेविगेशन गाइड की तरह काम करती है। मच्छरों के पास कार्बन डाइऑक्साइड को सूंघने वाले बेहद संवेदनशील और शक्तिशाली रिसेप्टर्स होते हैं, जो 30 से 50 मीटर की दूरी से ही यह पता लगा लेते हैं कि आस-पास कोई जीवित प्राणी मौजूद है। जो लोग शारीरिक बनावट में थोड़े भारी होते हैं, या जो तेजी से सांस लेते हैं, वे सामान्य लोगों की तुलना में अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। यही वजह है कि मच्छर दूर से ही उस गैस के गुबार का पीछा करते हुए सीधे आपके पास पहुंच जाते हैं और आपको काटना शुरू कर देते हैं।

पसीने की गंध और लैक्टिक एसिड का कॉम्बिनेशन बनता है मच्छरों के लिए सबसे बड़ा इनविटेशन कार्ड

मच्छरों के आपके प्रति आकर्षित होने की दूसरी सबसे बड़ी वजह आपके शरीर की गंध और पसीना है। जब इंसानी शरीर से पसीना निकलता है, तो उसमें लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड और अमोनिया जैसे कई तरह के तत्व मौजूद होते हैं। हमारी त्वचा पर रहने वाले बैक्टीरिया जब इस पसीने के साथ मिलते हैं, तो एक खास तरह की शारीरिक गंध (Body Odor) पैदा होती है। मच्छर इस गंध के प्रति बेहद दीवाने होते हैं। जिन लोगों को अनुवांशिक कारणों से या वर्कआउट करने के बाद बहुत ज्यादा पसीना आता है, उनके शरीर से लैक्टिक एसिड की महक तेज हो जाती है, जो मच्छरों को अपनी तरफ खींचने के लिए एक परफेक्ट चुंबकीय इनविटेशन कार्ड की तरह काम करती है।

गर्म शरीर का तापमान और हाई मेटाबॉलिज्म रेट वाले लोग होते हैं मच्छरों की पहली पसंद

मच्छर थर्मल सेंसर्स (Thermal Sensors) से लैस होते हैं, जो गर्मी को बहुत जल्दी भांप लेते हैं। इंसानी शरीर का तापमान और हमारी त्वचा से निकलने वाली प्राकृतिक गर्माहट मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करने का एक बहुत बड़ा कारक है। जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म रेट काफी हाई होता है या जो लोग अभी-अभी कोई भारी फिजिकल एक्टिविटी, एक्सरसाइज या जिम करके हटे होते हैं, उनके शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक होता है। मच्छर इस बढ़ी हुई शारीरिक गर्मी को तुरंत डिटेक्ट कर लेते हैं और ठंडे शरीर वाले लोगों की तुलना में गर्म शरीर वाले लोगों पर धावा बोलना ज्यादा पसंद करते हैं।

गहरे रंग के कपड़े पहनने की आदत भी आपको बना सकती है मच्छरों का सबसे आसान टारगेट

क्या आप भी अक्सर काले, गहरे नीले या चटख लाल रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं? अगर हां, तो आपको अपनी यह आदत तुरंत बदलनी पड़ सकती है। विज्ञान के अनुसार, मच्छरों की नजरें (Vision) बहुत तेज नहीं होतीं, लेकिन वे डार्क कलर्स यानी गहरे रंगों को बहुत आसानी से और दूर से ही देख लेते हैं। काला और गहरा नीला रंग मच्छरों की नजर में बहुत जल्दी आता है क्योंकि यह रंग रोशनी को सोखते हैं और परछाई जैसा भ्रम पैदा करते हैं। यही कारण है कि मच्छरों के प्रकोप वाले सीजन में डॉक्टरों द्वारा हमेशा हल्के रंग के, ढीले और पूरे बदन को ढकने वाले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।

क्या सचमुच 'मीठा खून' होने से ज्यादा काटते हैं मच्छर? जानिए डॉक्टरों का अंतिम फैसला

आम बोलचाल में इस्तेमाल होने वाली यह थ्योरी कि 'मीठा खून' होने या ब्लड शुगर लेवल हाई होने के कारण मच्छर ज्यादा काटते हैं, पूरी तरह से एक मिथक और कोरी कल्पना है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और विभिन्न शोधों में अब तक ऐसा कोई भी ठोस या प्रमाणिक सबूत नहीं मिला है जो यह साबित कर सके कि मच्छरों को मीठा खून ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। मच्छर आपके खून का स्वाद लेने से बहुत पहले ही आपकी सांसों की CO2, पसीने की गंध, शरीर की गर्मी और कपड़ों के रंग जैसे उपरोक्त चार शारीरिक संकेतों को देखकर ही यह तय कर लेते हैं कि उन्हें किसका शिकार करना है।

 

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