प्रेग्नेंसी में पकौड़े खाएं या नहीं, डॉक्टर से जानें पूरा सच
बरसात का मौसम आते ही चाय और पकौड़ों की याद लगभग हर किसी को आती है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या तली हुई चीजें खाना सुरक्षित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान स्वाद का आनंद लिया जा सकता है लेकिन सही मात्रा और सही तरीके का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। इससे मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत का बेहतर ख्याल रखा जा सकता है।
क्या गर्भावस्था में पकौड़े खा सकते हैं?
डॉक्टर वैदेही मराठे के अनुसार घर में ताजे तेल से बने पकौड़े कभी-कभार खाना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि इसे रोज की डाइट का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए। सीमित मात्रा में खाने से स्वाद भी बना रहता है और अनावश्यक स्वास्थ्य जोखिम से भी बचा जा सकता है।
ज्यादा तले हुए भोजन से क्यों बचना चाहिए?
जरूरत से ज्यादा तली हुई चीजें खाने से कई महिलाओं को सीने में जलन, गैस, पेट भारी लगना और बदहजमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर पकौड़े खाने की इच्छा हो तो दो या तीन से ज्यादा न खाएं। अधिक मात्रा में खाना सेहत पर असर डाल सकता है।
बाजार के बजाय घर के बने पकौड़े चुनें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाहर मिलने वाले पकौड़ों की जगह घर में तैयार किए गए पकौड़े बेहतर विकल्प हैं। कई दुकानों पर एक ही तेल का बार-बार इस्तेमाल किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
पौष्टिक सामग्री मिलाकर बनाएं हेल्दी पकौड़े
अगर घर पर पकौड़े बना रहे हैं तो उनमें पालक, मेथी, प्याज, पनीर या दूसरी सब्जियां शामिल करें। इससे स्वाद के साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।
क्या यह सलाह सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए है?
विशेष देखभाल की जरूरत गर्भावस्था में होती है लेकिन जरूरत से ज्यादा तली हुई चीजें खाना किसी के लिए भी सही नहीं माना जाता। इसलिए हर व्यक्ति को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
पकौड़ों के साथ क्या लेना बेहतर रहेगा?
अगर पकौड़े खा रहे हैं तो मीठे पेय की जगह पुदीने की चटनी, दही, छाछ या नींबू पानी लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे भोजन थोड़ा संतुलित बन सकता है।
इन समस्याओं में डॉक्टर की सलाह जरूर लें
अगर गर्भावस्था के दौरान गर्भकालीन मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर या एसिडिटी की परेशानी है तो तली हुई चीजें खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।