सफेद बाल काले कैसे करें? मेहंदी और डाई के बिना अपनाएं ये असरदार आयुर्वेदिक उपाय
बदलते मौसम, बढ़ते प्रदूषण, तनाव और खराब खान-पान के कारण आजकल कम उम्र में ही बाल सफेद होना एक आम समस्या बन चुकी है। बालों को तुरंत काला करने के लिए अक्सर लोग बाजार में मिलने वाली केमिकल युक्त हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ये केमिकल कुछ समय के लिए तो बालों को काला कर देते हैं, पर बाद में बालों को रूखा, बेजान बना देते हैं और बचे हुए काले बालों को भी सफेद कर देते हैं। कई लोग मेहंदी का इस्तेमाल भी करते हैं, लेकिन उससे बालों का रंग पूरी तरह काला नहीं बल्कि लाल या ऑरेंज हो जाता है।
अगर आप बिना मेहंदी और बिना डाई के अपने बालों को प्राकृतिक रूप से काला और मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आयुर्वेद में इसके बेहद कारगर उपाय मौजूद हैं। आइए जानते हैं उन घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में जो बालों को जड़ों से पोषण देते हैं।
1. भृंगराज और आंवला का जादू (Bhringraj and Amla Oil)
आयुर्वेद में भृंगराज को 'केशराज' यानी बालों का राजा कहा गया है। यह बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकने और उन्हें प्राकृतिक रूप से काला करने के लिए सबसे उत्तम औषधि है।
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उपयोग की विधि: लोहे की एक कड़ाही में नारियल का तेल या तिल का तेल लें। इसमें सूखे आंवले के टुकड़े और भृंगराज के पत्ते (या पाउडर) डालकर हल्की आंच पर तब तक पकाएं जब तक तेल का रंग काला न हो जाए। इस तेल को छानकर रख लें और हफ्ते में दो से तीन बार इस तेल से स्कैल्प की अच्छी तरह मालिश करें। आंवले में मौजूद विटामिन सी और भृंगराज के तत्व मेलेनिन (Melanin) के उत्पादन को बढ़ाते हैं।
2. काली चाय का पानी (Black Tea Rinse)
काली चाय यानी ब्लैक टी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और टैनिन पाए जाते हैं, जो बालों को गहरा प्राकृतिक रंग देने में मदद करते हैं। यह बिना किसी साइड इफेक्ट के बालों को कंडीशन भी करता है।
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उपयोग की विधि: दो चम्मच चाय पत्ती को एक गिलास पानी में अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए और पूरी तरह काला हो जाए, तो इसे ठंडा होने दें। शैंपू करने के बाद इस पानी से अपने बालों को धोएं (रिंग करें) और 20 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर सादे पानी से साफ कर लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करने से सफेद बालों का रंग धीरे-धीरे गहरा होने लगता है।
3. कढ़ी पत्ता और नारियल तेल (Curry Leaves for Premature Greying)
कढ़ी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह बालों के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। इसमें मौजूद विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट्स बालों के रोम (Hair Follicles) को स्वस्थ बनाते हैं।
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उपयोग की विधि: नारियल के तेल में एक मुट्ठी कढ़ी पत्तों को डालकर तब तक उबालें जब तक पत्ते काले न पड़ जाएं। इसके बाद तेल को ठंडा करके छान लें। इस तेल को नियमित रूप से बालों की जड़ों में लगाने से बालों का प्राकृतिक पिगमेंट वापस आने लगता है।
4. शिकाकाई और रीठा का प्राकृतिक शैंपू
केमिकल वाले शैंपू भी बालों के सफेद होने की रफ्तार को बढ़ा देते हैं। इसलिए बालों को धोने के लिए रीठा, आंवला और शिकाकाई के मिश्रण का इस्तेमाल करें। इन तीनों को रातभर पानी में भिगोकर रखें, सुबह उबालें और मसलकर छान लें। इस प्राकृतिक लिक्विड से बाल धोने पर स्कैल्प साफ रहता है और बाल अंदर से मजबूत व काले बनते हैं।
आहार का भी रखें ध्यान: बाहरी उपायों के साथ-साथ शरीर को अंदरूनी पोषण देना भी जरूरी है। अपनी डाइट में आंवला जूस, कद्दू के बीज, हरी सब्जियां और नट्स शामिल करें। योग और प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम) के जरिए तनाव को कम करें, क्योंकि तनाव भी असमय सफेद बालों का एक मुख्य कारण होता है।