कान में तेज दर्द होने पर भूलकर भी न करें ये खतरनाक गलतियां

कान में तेज दर्द होने पर भूलकर भी न करें ये खतरनाक गलतियां

मानव शरीर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंगों में कान की गिनती प्रमुखता से की जाती है, जिसके माध्यम से हम इस खूबसूरत दुनिया की आवाज़ों को सुनते और महसूस करते हैं। जब कभी कान में अचानक या तेज दर्द (Earache) उठ बैठता है, तो इंसान का जीना मुहाल हो जाता है और वह किसी भी काम में अपना मन नहीं लगा पाता है। कान का दर्द बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकता है, और इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं जैसे कान में संक्रमण (Ear Infection), सर्दी-जुकाम के कारण यूस्टेशियन ट्यूब का ब्लॉक होना, कान में पानी चला जाना, या फिर ज्यादा मात्रा में ईयरवैक्स (Earwax) का जमा हो जाना। लोग अक्सर कान में हल्का दर्द होने पर उसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खुद ही मेडिकल स्टोर से ड्रॉप लाकर डाल लेते हैं। कान हमारे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के बहुत करीब होता है, इसलिए इसमें की गई जरा सी भी लापरवाही या गलत इलाज भविष्य में बहरेपन या गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। कान दर्द से राहत पाने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस स्थिति में आपको कौन से कदम उठाने चाहिए और किन गलतियों से सख्त परहेज करना चाहिए।

कान दर्द होने पर क्या करें (What to Do)

जब कभी आपके या आपके परिवार में किसी सदस्य के कान में तेज दर्द शुरू हो जाए, तो सबसे पहले घबराने के बजाय कुछ बुनियादी और सुरक्षित कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले कान को पूरी तरह सूखा और साफ रखें, और यदि सर्दी या साइनस की वजह से दर्द है तो डॉक्टर की सलाह से स्टीम (भाप) ले सकते हैं, जिससे बंद नलिकाएं खुल जाती हैं। यदि कान में हल्का इंफेक्शन महसूस हो रहा है, तो गुनगुने तेल की कुछ बूंदें (केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही) या हल्का गर्म सिंकाई करने से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, तुरंत किसी अच्छे ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ या बाल रोग विशेषज्ञ के पास जाएं ताकि वे ऑपथोस्कोप या अन्य उपकरणों से यह जांच सकें कि कान के पर्दे (Eardrum) में कोई चोट या छेद तो नहीं है। यदि डॉक्टर ने कोई एंटीबायोटिक ईयर ड्रॉप या पेनकिलर लिखी है, तो उसका पूरा कोर्स समय पर लें और बीच में दवा बंद न करें।

कान दर्द होने पर क्या न करें और किन गलतियों से बचें (What NOT to Do)

कान दर्द के दौरान लोग अक्सर ऐसी कई खतरनाक गलतियां कर बैठते हैं जो समस्या को ठीक करने के बजाय उसे कई गुना बढ़ा देती हैं। सबसे पहली और सबसे बड़ी गलती यह की जाती है कि लोग कान की खुजली या दर्द मिटाने के लिए उसमें ईयरबड्स (Cotton Buds), हेयरपिन, माचिस की तीली या चाबी जैसी नुकीली चीजें अंदर डालने लगते हैं। ऐसा करने से कान का नाजुक पर्दा फट सकता है और कान के भीतर ब्लीडिंग या हमेशा के लिए बहरापन आ सकता है। दूसरी बड़ी गलती यह होती है कि बिना डॉक्टर के पर्चे के किसी भी मेडिकल स्टोर से कोई भी पुरानी या रैंडम ईयर ड्रॉप खरीदकर कान में डाल ली जाती है, जबकि यदि कान के पर्दे में छेद हो और उसमें ऐसी वैसी दवा डाल दी जाए तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। इसके अलावा, कान में लहसुन का रस, प्याज का रस या सरसों का तेल बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के सीधे डालना भी कई बार खतरनाक फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन को न्योता दे सकता है।

कान की सही देखभाल और बचाव के जरूरी उपाय

कान की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए यह आवश्यक है कि आप रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ सावधानियों को अपनी आदत बना लें। नहाते या तैरते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कान के अंदर गंदा पानी न जाए, और यदि पानी चला भी जाए तो उसे किसी साफ तौलिए से केवल बाहर से पोंछें, अंदर कुछ न डालें। जिन लोगों को अक्सर ईयरवैक्स जमने की समस्या होती है, वे खुद घर पर कान साफ करने का जोखिम उठाने के बजाय हर 6 महीने में किसी योग्य ईएनटी विशेषज्ञ से अपना कान क्लीन करवा सकते हैं। यदि कान से लगातार मवाद या खून आ रहा है, सुनने में दिक्कत हो रही है, या चक्कर आ रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें क्योंकि यह किसी बड़े संक्रमण की चेतावनी हो सकता है।