मानसून की विदाई के बीच मौसम ने बदला खेल, इन 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मानसून की विदाई के बीच मौसम ने बदला खेल, इन 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट

देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रवानगी का सिलसिला शुरू हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद देश के एक दर्जन से अधिक राज्यों में बादलों का डेरा जमा हुआ है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस समय भारतीय उपमहाद्वीप के वायुमंडल में एक साथ छह मौसमी दशाएं पूरी तरह सक्रिय हैं। इनमें पांच अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और दो ट्रफ रेखाएं शामिल हैं, जो कई राज्यों में आंधी, बिजली और भारी बारिश का सबब बन रही हैं।

5 चक्रवाती चक्र और 2 ट्रफ रेखाओं का महाजाल

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, म्यांमार के तटीय क्षेत्रों और उससे सटे पूर्वी-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर एक डिप्रेशन (अवदाब) बना हुआ है, जो धीरे-धीरे कमजोर पड़ते हुए उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। दूसरा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। इसके अलावा तीसरा चक्रवाती घेरा उत्तर-पूर्वी असम पर, चौथा उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर और पांचवां पूर्वी-मध्य अरब सागर में बना हुआ है। वहीं, दक्षिण भारत में उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। साथ ही, निचले क्षोभमंडल में दक्षिणी तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से तमिलनाडु तक दो मजबूत ट्रफ रेखाएं भी मौसम को लगातार प्रभावित कर रही हैं।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश व आंधी की चेतावनी

इन सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए कड़ा अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, केरल, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। उधर, म्यांमार के मौसमी प्रभाव के कारण पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले दो दिनों तक तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा), बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश का येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 सितंबर से 5 अक्टूबर के दौरान पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम दर्जे की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच छिटपुट स्थानों पर बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में भी 1 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

पहाड़ी राज्य, यूपी और दिल्ली-एनसीआर में शुष्क मौसम की आहट

उत्तर भारत की बात करें तो 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित पूर्वी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, 30 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में और 2 अक्टूबर से मध्य भारत में मौसम पूरी तरह शुष्क होने लगेगा। दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में हुई हल्की बारिश से पारे में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। राजधानी में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 32°C से 35°C और न्यूनतम तापमान 20°C से 23°C के आसपास बने रहने की उम्मीद है।

इन शहरों से होकर गुजर रही है मॉनसून विदाई की रेखा

आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई रेखा (विड्रॉल लाइन) इस समय गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। मॉनसून के इन इलाकों से पीछे हटने के कारण उत्तर भारत के मैदानी भागों में अब सुबह और शाम हल्की गुलाबी ठंडक का अहसास शुरू होने वाला है, जबकि दिन में धूप खिलने से मौसम साफ बना रहेगा।