Rainy Season Mood Swings: बारिश के मौसम में क्यों घेर लेती है थकान और सुस्ती? अपनाएं ये 5 आसान बदलाव और लौट आएगी भरपूर एनर्जी
झमाझम बारिश का मौसम आते ही मन तो खुश हो जाता है, लेकिन बहुत से लोगों को इस सुहाने मौसम में पूरे दिन भारीपन, सुस्ती, लगातार नींद आना और अजीब सी मानसिक थकान महसूस होने लगती है। मानसून के दिनों में अक्सर लोगों का मूड स्विंग्स (Mood Swings) भी बढ़ जाता है और किसी काम में मन नहीं लगता। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में हमारे शरीर के अंदर कई तरह के हॉर्मोनल और बायोलॉजिकल बदलाव होते हैं। आइए जानते हैं कि बारिश के दिनों में हमें इतनी थकान और नींद क्यों घेरती है, और किन 5 आसान बदलावों से आप खुद को हमेशा चुस्त-दुरुस्त और एनर्जेटिक रख सकते हैं।
बारिश में क्यों महसूस होती है ज्यादा थकान और नींद?
मौसम वैज्ञानिक और हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बारिश के दिनों में आसमान में काले बादल छाए रहने के कारण सूरज की रोशनी (Sunlight) कम हो जाती है। हमारे शरीर को प्राकृतिक रूप से जागृत रखने के लिए धूप की जरूरत होती है। धूप न मिलने के कारण शरीर में मेलाटोनिन (Melatonin) हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है, जो नींद लाने और सुस्ती पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है। इसके साथ ही, इस मौसम में हवा में नमी (Humidity) का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और ऑक्सीजन का स्तर कम महसूस होने लगता है, जिस कारण हर वक्त आलस और थकान घेरे रहती है।
चुस्ती-फुर्ती और एनर्जी वापस लाने के लिए अपनाएं ये 5 असरदार बदलाव
यदि आप भी बरसात के इस मौसम में खुद को आलस से दूर और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो अपनी दैनिक जीवनशैली में ये 5 छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव जरूर शामिल करें:
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1. हाइड्रेशन और हर्बल टी का सही इस्तेमाल: भले ही बारिश में ठंडा पानी पीने का मन कम करता है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। पानी की कमी से भी थकान होती है। इसके अलावा, कैफीन (चाय-कॉफी) की मात्रा कम करके अदरक, तुलसी, दालचीनी या लेमन टी जैसी गर्म हर्बल चाय का सेवन करें, जो बॉडी को तुरंत डिटॉक्स और एनर्जेटिक करती हैं।
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2. अपनी डाइट में शामिल करें लाइट और फ्रेश फूड: इस मौसम में पाचन क्रिया (Digestion) थोड़ी कमजोर हो जाती है। भारी और ऑयली पकोड़े-कचौड़ी खाने से शरीर सुस्त हो जाता है। इसके बजाय अपनी डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, सूप और प्रोटीन युक्त हल्का भोजन शामिल करें, जिससे शरीर को भरपूर पोषण मिले और भारीपन महसूस न हो।
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3. थोड़ी सी फिजिकल एक्टिविटी और स्ट्रेचिंग: बारिश के कारण यदि बाहर टहलने जाना मुमकिन नहीं है, तो घर के अंदर ही कम से कम 15 से 20 मिनट योग, हल्की स्ट्रेचिंग या एरोबिक्स करें। शारीरिक गतिविधि करने से ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है और शरीर में 'एंडोर्फिन' (खुशी और ऊर्जा देने वाला हॉर्मोन) रिलीज होता है, जिससे सुस्ती भाग जाती है।
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4. सूरज की रोशनी और नेचुरल लाइट का लें आनंद: जब भी बादल थोड़े छटें या हल्की धूप निकले, तो खिड़की-दरवाजे खोलकर प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा को घर के अंदर आने दें। सुबह के समय कुछ देर नेचुरल लाइट में बैठने से मेलाटोनिन का स्तर संतुलित होता है और नींद का अहसास कम होता है।
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5. स्लीप साइकिल को रखें मेंटेन: बारिश के मौसम में कंबल ओढ़कर देर तक सोते रहने की आदत बन जाती है, जो मूड स्विंग्स और सुस्ती को और बढ़ा देती है। रात में समय पर सोएं और सुबह एक तय वक्त पर उठें,