पेट रहेगा बिल्कुल साफ और पाचन होगा मक्खन जैसा बेहतर, बस रोजाना डाइट में शामिल कर लें 35 ग्राम फाइबर से भरपूर ये 6 बेहतरीन इंडियन फूड्स
रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान के चलते आज के समय में कब्ज, गैस और अपच जैसी पेट से जुड़ी समस्याएं आम बात बन गई हैं। अगर आप भी अक्सर पेट की गड़बड़ी से परेशान रहते हैं तो इसकी सबसे बड़ी वजह आपकी डाइट में फाइबर की कमी हो सकती है। एक स्वस्थ शरीर और बेहतर पाचन क्रिया के लिए रोजाना कम से कम 30 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। गनीमत यह है कि हमारी भारतीय रसोई और पारंपरिक खानपान में ऐसे कई शानदार सुपरफूड्स मौजूद हैं, जो प्राकृतिक रूप से फाइबर का पावरहाउस हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 6 असरदार और आसानी से मिलने वाले इंडियन फूड्स के बारे में, जिन्हें अपनी रोजाना की थाली में शामिल करके आप पेट से जुड़ी हर समस्या से हमेशा के लिए राहत पा सकते हैं।
दालें और लेग्यूम्स का सेवन बढ़ाएं
भारतीय थाली की शान कही जाने वाली दालें (जैसे मसूर, मूंग, चना और राजमा) फाइबर का सबसे बेहतरीन और आसान जरिया मानी जाती हैं। एक कटोरी पकी हुई दाल या राजमा में प्रचुर मात्रा में सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की सेहत सुधारने के साथ-साथ पेट साफ करने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से बाउल मूवमेंट बेहतर होता है और कब्ज की पुरानी समस्या से छुटकारा मिलता है।
रिफाइंड आटे की जगह मिलेट्स यानी मोटे अनाज अपनाएं
आजकल के आधुनिक खानपान में मैदे और रिफाइंड आटे का चलन बढ़ गया है, जो पाचन को बिगाड़ने का काम करता है। इसकी जगह ज्वार, बाजरा और रागी जैसे पारंपरिक मिलेट्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। इन मोटे अनाजों की रोटियां या भाकरी खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर मिलता है, जो लंबे समय तक पेट को भरा रखता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करके पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
अमरूद और पपीता हैं पेट के लिए वरदान
फलों में अमरूद और पपीता पेट की सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। भारत में ये दोनों ही फल आसानी से और किफायती दामों पर मिल जाते हैं। पपीते में मौजूद पपेन एंजाइम भोजन को जल्दी पचाने में मदद करता है, जबकि बीज सहित खाया जाने वाला अमरूद फाइबर के सबसे बेहतरीन स्रोतों में से एक है, जो शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालकर आंतों की बेहतरीन सफाई करता है।
नाश्ते में ओट्स और दलिया को दें जगह
सुबह की शुरुआत अगर हेल्दी और फाइबर से भरपूर ब्रेकफास्ट से की जाए, तो पूरा दिन पेट हल्का और एनर्जेटिक महसूस होता है। इसके लिए ओट्स या गेहूं का दलिया खाना सबसे उत्तम विकल्प माना जाता है। इनमें बीटा-ग्लूकोन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ-साथ पेट में गुड गट बैक्टीरिया को पोषित करता है, जिससे पाचन शक्ति में गजब का सुधार होता है।
हरी मटर और बीन्स को बनाएं सब्जी का हिस्सा
सब्जियों में हरी मटर, फ्रेंच बीन्स और ग्वार जैसी फलियां फाइबर का एक और शानदार विकल्प हैं। इनमें फाइबर के साथ-साथ प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। इन्हें अपनी रोजाना की सब्जी, सलाद या पुलाव में शामिल करके आप बहुत ही आसानी से अपने शरीर का डेली फाइबर कोटा पूरा कर सकते हैं, जिससे पेट हमेशा दुरुस्त रहता है।
चिया और अलसी के बीजों का करें इस्तेमाल
छोटे-छोटे दिखने वाले ये बीज सेहत के लिए बहुत बड़े गुणकारी साबित होते हैं। एक या दो चम्मच चिया सीड्स या भुने हुए अलसी के बीजों को पानी में भिगोकर या सलाद, छाछ और ओट्स के ऊपर छिड़ककर खाने से शरीर को तुरंत हाई-क्वालिटी फाइबर मिलता है। यह पाचन नली को चिकना रखकर पेट की गर्मी को शांत करता है और कब्ज को जड़ से रोकता है।