बुखार में ठंडे पानी से नहाने की भूल पड़ सकती है बेहद भारी! डॉक्टर से जानें इसके पीछे का बड़ा खतरा और सही तरीका

बुखार में ठंडे पानी से नहाने की भूल पड़ सकती है बेहद भारी! डॉक्टर से जानें इसके पीछे का बड़ा खतरा और सही तरीका

बदलते मौसम, वायरल इंफेक्शन या मानसून के दौरान बुखार (Fever) आना एक आम समस्या है। जब शरीर का तापमान 100 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर चला जाता है, तो पूरा बदन टूटने लगता है और बेचैनी बढ़ जाती है। ऐसे में कई लोग शरीर की गर्मी को तुरंत शांत करने और तरोताजा महसूस करने के लिए ठंडे पानी से नहाने (Cold Water Shower) चले जाते हैं या फिर सिर पर बर्फीला ठंडा पानी डाल लेते हैं। अगर आप भी इसे एक सामान्य घरेलू नुस्खा मानते हैं, तो सावधान हो जाइए। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बुखार की स्थिति में ठंडे पानी का इस्तेमाल शरीर को फायदे के बजाय गंभीर रूप से बीमार कर सकता है और यह लापरवाही सीधे आईसीयू (ICU) तक पहुंचा सकती है।

क्यों खतरनाक है बुखार में ठंडे पानी से नहाना? डॉक्टर से समझें

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जब हमारे शरीर में कोई वायरस या बैक्टीरिया हमला करता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम (Immune System) उससे लड़ने के लिए शरीर का तापमान बढ़ा देता है, जिसे हम बुखार कहते हैं। यह शरीर का एक सुरक्षा तंत्र है। जब आप इस तपते शरीर पर अचानक ठंडा पानी डालते हैं, तो शरीर का तापमान अचानक से गिरता है।

इस अचानक आए बदलाव (Thermal Shock) के कारण त्वचा की रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) तुरंत सिकुड़ जाती हैं। जब ये वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, तो शरीर के अंदर मौजूद गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और वह आंतरिक अंगों (Internal Organs) की तरफ बढ़ने लगती है। इससे शरीर का अंदरूनी तापमान (Core Body Temperature) खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है, जो मस्तिष्क और दिल के लिए बेहद नुकसानदेह है।

कंपकंपी छूटना और निमोनिया का खतरा

ठंडे पानी से नहाने का एक और बड़ा दुष्प्रभाव यह है कि इससे मरीज को तेज कंपकंपी (Shivering) छूटने लगती है। जब शरीर कांपता है, तो वह अंदरूनी तौर पर और अधिक गर्मी पैदा करने की कोशिश करता है, जिससे बुखार घटने के बजाय और ज्यादा तेज हो जाता है। इसके अलावा, बुखार में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कमजोर होती है। ऐसे में ठंडे पानी के संपर्क में आने से सर्दी-खांसी, सीने में जकड़न और गंभीर मामलों में निमोनिया (Pneumonia) होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

डॉक्टर से जानें बुखार में राहत पाने का सही तरीका

अगर बुखार बहुत तेज है और मरीज असहज महसूस कर रहा है, तो डॉक्टरों ने हाइड्रोथेरेपी (Hydrotherapy) का सही और सुरक्षित तरीका बताया है:

  • गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल: यदि नहाना बेहद जरूरी हो, तो केवल गुनगुने पानी (Lukewarm Water) से ही नहाएं। गुनगुना पानी त्वचा की रक्त वाहिकाओं को खोलता है, जिससे शरीर की गर्मी आसानी से बाहर निकल जाती है।

  • कोल्ड स्पंजिंग की जगह टैपिड स्पंजिंग: तेज बुखार में सिर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखने के बजाय सामान्य या हल्के गुनगुने पानी में कपड़ा भिगोकर निचोड़ लें। इस कपड़े से मरीज के माथे, गर्दन, बगल (Armpits) और पैरों को पोंछें (Tepid Sponging)। यह शरीर के तापमान को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से कम करता है।

  • कमरे का तापमान सामान्य रखें: मरीज को सीधे एसी (AC) या तेज पंखे की हवा के नीचे न बैठाएं। कमरे का वेंटिलेशन अच्छा होना चाहिए ताकि हवा का क्रॉस-सर्कुलेशन बना रहे।

इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान

बुखार होने पर शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है। इसलिए मरीज को थोड़ी-थोड़ी देर में गुनगुना पानी, नारियल पानी, सूप या ओआरएस (ORS) का घोल देते रहें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी हैवी एंटीबायोटिक या पैरासिटामोल लेने से बचें। यदि बुखार 3 दिनों से अधिक समय तक बना रहता है, या साथ में उल्टी, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर ब्लड टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से उचित इलाज शुरू करें।

 

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