सेहत के लिए कौन सा है सबसे ज्यादा फायदेमंद? जानिए दोनों के बीच का असली अंतर.....

सेहत के लिए कौन सा है सबसे ज्यादा फायदेमंद? जानिए दोनों के बीच का असली अंतर.....

भारतीय रसोई और पारंपरिक खानपान में तिल (Sesame Seeds) का इस्तेमाल सदियों से एक बेहद महत्वपूर्ण और औषधीय घटक के रूप में किया जाता रहा है। सर्दियों के मौसम में तिल के लड्डू, गजक और रेवड़ी खाना हर भारतीय परिवार की पुरानी और पसंदीदा परंपरा रही है, लेकिन इसके साथ ही साल भर पूजा-पाठ और दैनिक आहार में भी इसका खूब उपयोग किया जाता है। जब भी बाजार में तिल खरीदने की बात आती है, तो अक्सर लोगों के सामने यह असमंजस खड़ा हो जाता है कि उनके स्वास्थ्य के लिए काले तिल (Black Sesame Seeds) ज्यादा बेहतर हैं या फिर सफेद तिल (White Sesame Seeds) खरीदना फायदेमंद रहेगा? दोनों ही प्रकार के तिल दिखने में भले ही अलग हों और इनके स्वाद में हल्का सा अंतर पाया जाता हो, लेकिन पोषण के मामले में दोनों के अपने अलग-अलग और अनूठे गुण हैं। देश के जाने-माने आहार विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट्स का यह कहना है कि दोनों ही तिलों के अपने विशेष स्वास्थ्य लाभ हैं, जो शरीर की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करते हैं। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि काले और सफेद तिल में मुख्य अंतर क्या है और आपकी सेहत के लिए कौन सा तिल चुनना सबसे सही रहेगा।

क्या है सफेद तिल और इसके सेवन से शरीर को कौन-कौन से प्रमुख स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं?

सफेद तिल आमतौर पर पॉलिश किए हुए या छिलके उतरे हुए रूप में बाजार में सबसे ज्यादा बिकते हैं, जिनका इस्तेमाल बेकरी उत्पादों, ब्रेड, सलाद और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों व पकवानों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। सफेद तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो लोग अपनी हड्डियों को मजबूत रखना चाहते हैं या जिन्हें कैल्शियम की कमी (Calcium Deficiency) की शिकायत रहती है, उनके लिए सफेद तिल का सेवन किसी वरदान से कम नहीं है। इसके अलावा, सफेद तिल में मौजूद आयरन और एमिनो एसिड्स शरीर में खून की कमी को दूर करने और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में भी बहुत मदद करते हैं, जिससे सुस्ती दूर होती है और शरीर सक्रिय रहता है।

काले तिल की खासियत: क्यों इसे आयुर्वेद में माना जाता है अधिक औषधीय और शक्तिशाली?

दूसरी ओर, काले तिल अपने प्राकृतिक रूप में यानी छिलके के साथ होते हैं, जिसके कारण इनका स्वाद सफेद तिल के मुकाबले थोड़ा अधिक कड़क और अखरोट जैसा होता है। आयुर्वेद और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में काले तिल को सफेद तिल की तुलना में अधिक शक्तिशाली और औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। काले तिल में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) की मात्रा बहुत अधिक होती है क्योंकि इसके छिलके में फाइटोस्टेरॉल और सेसमोल जैसे विशेष तत्व पाए जाते हैं। जिन लोगों को जोड़ों के दर्द (Joint Pains), हड्डियों की कमजोरी, बालों के झड़ने की समस्या या उम्र से पहले बाल सफेद होने की दिक्कत होती है, उनके लिए काले तिल का सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को अंदर से गर्मी और ताकत प्रदान करता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी जबरदस्त सुधार होता है।

दोनों में मुख्य अंतर: पोषण, एंटीऑक्सीडेंट्स और उपयोग के आधार पर तुलना

यदि हम काले और सफेद तिल के बीच के मुख्य अंतर को समझें, तो सबसे बड़ा फर्क उनके छिलके और उनमें मौजूद मिनरल्स की मात्रा का होता है। सफेद तिल में आयरन की मात्रा थोड़ी अधिक होती है और यह आसानी से हर जगह उपलब्ध होने के कारण स्वाद व सजावट के लिए बेस्ट माने जाते हैं, जबकि काले तिल में कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा सबसे अधिक होती है, जो इसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने के लिए अधिक प्रभावी बनाते हैं। इसके अलावा, अगर आपको ब्लड प्रेशर या दिल से जुड़ी समस्याएं हैं, तो काले तिल में मौजूद अनसैचुरेटेड फैट्स और मैग्नीशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में ज्यादा मददगार साबित होते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद के डॉक्टर अक्सर ठंड के मौसम में या कमजोरी महसूस होने पर काले तिल के सेवन की विशेष सलाह देते हैं।

अपनी सेहत की जरूरत के अनुसार कैसे करें सही तिल का चुनाव? जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह सुझाव है कि आपको काले या सफेद तिल में से किसी एक को चुनने के बजाय अपनी शारीरिक आवश्यकता के अनुसार दोनों को ही अपने संतुलित आहार में शामिल करना चाहिए। यदि आप अपनी स्किन, बालों और हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं और जोड़ों के दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो काले तिल को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। वहीं, यदि आप पाचन को सुधारना चाहते हैं, वजन नियंत्रित करना चाहते हैं या दैनिक कुकिंग और बेकिंग में इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो सफेद तिल एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। किसी भी चीज का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में इनका सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है या पाचन से जुड़ी हल्की-फुल्की असुविधा हो सकती है। सही मात्रा और सही तरीके से तिल का सेवन करके आप अपने पूरे परिवार को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।