क्या आखिरी बार टीम इंडिया का चयन कर रहे हैं चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर? चयन समिति से छुट्टी तय
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के गलियारों से इस वक्त एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने खेल जगत में भूचाल ला दिया है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता यानी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) के कार्यकाल को लेकर तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं, और खेल गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि उनका यह मौजूदा चयन पैनल संभवतः आखिरी बार टीम इंडिया का चयन कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और बीसीसीआई के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, आने वाले कुछ ही महीनों में चयन समिति (Selection Committee) में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है, और अजीत अगरकर की इस पद से छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है। उनके स्थान पर राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के प्रमुख और टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) को भारतीय टीम की चयन समिति की कमान सौंपे जाने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं। इस संभावित बदलाव के बाद से भारतीय क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे में एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि इस बड़े बदलाव के पीछे बीसीसीआई की क्या रणनीति है और अजीत अगरकर के कार्यकाल में टीम चयन को लेकर किस प्रकार के समीकरण बने हुए हैं।
क्या है अजीत अगरकर के कार्यकाल का पूरा गणित और क्यों उठ रहे हैं चयन समिति के फैसलों पर सवाल?
अजीत अगरकर ने जब से भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला है, तब से उन्होंने टीम इंडिया के ट्रांजिशन फेज (Transition Phase) में कई बड़े और साहसिक फैसले लिए हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद युवा खिलाड़ियों को मौका देने और टीम को भविष्य के लिए तैयार करने का श्रेय काफी हद तक इस चयन समिति को जाता है। हालांकि, हालिया कुछ श्रृंखलाओं में टीम के प्रदर्शन, कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों की अनदेखी और घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को नजरअंदाज करने जैसे तमाम मुद्दों को लेकर चयन समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते रहे हैं। बीसीसीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों का यह मानना है कि भारतीय क्रिकेट का अगला चक्र (Next Cycle) शुरू होने से पहले बोर्ड संगठन स्तर पर एक फ्रेश सोच और नए नेतृत्व को लाना चाहता है, जिसके चलते चयन समिति के पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
वीवीएस लक्ष्मण को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी: एनसीए से सीधे मुख्य चयनकर्ता की कुर्सी तक का सफर?
यदि बीसीसीआई के गलियारों से आ रही इन खबरों पर मुहर लगती है, तो वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) का चयन समिति का मुख्य चयनकर्ता बनना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। वर्तमान में वीवीएस लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के हेड के रूप में युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम पूरी सफलता के साथ कर रहे हैं। अंडर-19 और भारत 'ए' (India A) टीम के साथ उनका अनुभव ऐसा रहा है कि देश के लगभग सभी युवा उभरते हुए खिलाड़ी उनके मार्गदर्शन में खेल चुके हैं। यदि वे मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी संभालते हैं, तो नेशनल टीम और एनसीए के बीच का तालमेल और अधिक मजबूत हो जाएगा, जिससे भविष्य के विश्व कप और आईसीसी टूर्नामेंट्स के लिए एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने में आसानी होगी।
आगामी सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट्स से पहले बीसीसीआई का यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव क्यों है जरूरी?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड हमेशा से इस बात पर जोर देता रहा है कि टीम के चयन से लेकर उसकी फिटनेस और कोचिंग स्टाफ तक की मॉनिटरिंग में पूरी पारदर्शिता और दूरदर्शिता होनी चाहिए। आने वाले समय में चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी विश्व कप चक्र को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई कोई भी ढिलाई बरतना नहीं चाहता है। चयन समिति के नियमों और उनके कार्यकाल की समीक्षा करने के बाद बोर्ड यह तय कर रहा है कि एक नए चेहरे को मौका दिया जाए जो आधुनिक क्रिकेट की मांग के अनुसार खिलाड़ियों के चयन में डेटा एनालिसिस और फिटनेस पैरामीटर्स को प्राथमिकता दे सके। अजीत अगरकर का यह अंतिम चयन अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इसके बाद वे अपने कार्यकाल के खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ इस पद को अलविदा कह सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट फैंस और खेल विशेषज्ञों की नजरें टिकी हैं बीसीसीआई के अगले आधिकारिक ऐलान पर
क्रिसमस और नए साल के आसपास या आगामी घरेलू सत्र के समाप्त होने के बाद बीसीसीआई द्वारा चयन समिति को लेकर आधिकारिक घोषणा किए जाने की पूरी उम्मीद है। तब तक अजीत अगरकर और उनकी टीम पर ही आगामी महत्वपूर्ण दौरों के लिए टीम इंडिया के चयन की जिम्मेदारी बनी रहेगी। खेल प्रेमियों और क्रिकेट विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाकई वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय क्रिकेट का यह नया और अहम जिम्मा सौंपा जाता है या बोर्ड किसी अन्य नाम पर मुहर लगाता है। इस बदलाव से भारतीय क्रिकेट की दिशा और दशा पर क्या असर पड़ेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक बदलाव का दौर शुरू हो चुका है।