युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं कम उम्र में हार्ट अटैक? AIIMS के डॉक्टर ने बताई ये 6 खतरनाक आदतें, जिन्हें तुरंत बदलना है जरूरी

युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं कम उम्र में हार्ट अटैक? AIIMS के डॉक्टर ने बताई ये 6 खतरनाक आदतें, जिन्हें तुरंत बदलना है जरूरी

आज के दौर में कम उम्र के युवाओं और स्वस्थ दिखने वाले लोगों में अचानक हार्ट अटैक आने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसने चिकित्सा जगत और आम जनता दोनों को गहरी चिंता में डाल दिया है। पहले जहां दिल का दौरा मुख्य रूप से बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 20, 30 और 40 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस गंभीर होती समस्या के पीछे आखिर असली वजह क्या है और हमारी कौन सी दैनिक जीवनशैली इसके लिए जिम्मेदार है? हाल ही में एम्स (AIIMS) के एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) ने युवाओं में बढ़ते दिल के दौरों के पीछे छिपी उन 6 प्रमुख और खतरनाक आदतों का खुलासा किया है, जिन्हें समय रहते न बदला गया तो यह जानलेवा साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं एम्स के डॉक्टर द्वारा बताई गई उन 6 गलत आदतों के बारे में।

1. नींद से समझौता और स्लीप डिप्राइवेशन (Poor Sleep Habits)

आज की युवा पीढ़ी में रात-रात भर जागकर काम करना, मोबाइल चलाना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या ओटीटी शृंखलाएं देखना आम बात हो गई है। एम्स के विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नींद (कम से कम 7 से 8 घंटे) न लेने से शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और कोर्टिसोल (तनाव का हार्मोन) का स्तर तेजी से बढ़ता है। लगातार नींद की कमी दिल की धमनियों पर दबाव डालती है, जो कम उम्र में मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) का एक बड़ा कारण बन रही है।

2. अत्यधिक मानसिक तनाव और एंग्जायटी (High Stress Levels)

कॉरपोरेट जॉब का प्रेशर, करियर की भागदौड़, आपसी रिश्तों की उलझनें और फाइनेंशियल टेंशन ने युवाओं को मानसिक तनाव के दलदल में धकेल दिया है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक क्रोनिक स्ट्रेस में रहता है, तो उसके शरीर में सूजन (inflammation) और रक्त का थक्का जमने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। डॉक्टर बताते हैं कि तनाव के कारण धमनियां संकुचित होने लगती हैं, जिससे हार्ट पर अचानक भारी दबाव पड़ता है।

3. पैक्ड और जंक फूड का अंधाधुंध सेवन (Unhealthy Diet & Fast Food)

घर के पौष्टिक खाने के बजाय पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज़, कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक ऑयली-प्रोसेस्ड फूड्स युवाओं की रोजमर्रा की डाइट बन चुके हैं। इन खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट, बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) और सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो धमनियों में प्लाक (चर्बी) जमा कर देते हैं। धमनियों के ब्लॉक होने से खून का संचार बाधित होता है, और दिल तक ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती है।

4. जिम में अति-व्यायाम या बिल्कुल फिजिकल एक्टिविटी न करना (Extreme Workout vs Sedentary Lifestyle)

युवाओं में फिटनेस का क्रेज अच्छी बात है, लेकिन बिना सोचे-समझे या ट्रेनर की सलाह के बिना जिम में अचानक बहुत भारी वजन उठाना (Heavy Weightlifting) और जरूरत से ज्यादा हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करना दिल पर भारी पड़ सकता है। इसके विपरीत, जो युवा दिनभर एक ही जगह कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं और शारीरिक श्रम बिल्कुल नहीं करते, उनका मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है। दोनों ही स्थितियां—या तो अति-व्यायाम या पूरी तरह सुस्त जीवनशैली—दिल की सेहत के लिए बेहद घातक हैं।

5. स्मोकिंग, वेपिंग और शराब की लत (Smoking, Vaping & Alcohol)

सिगरेट पीना या आज के दौर में युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रहा 'वेपिंग' (Vaping) दिल की सेहत के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है। तंबाकू और सिगरेट के धुएं में मौजूद निकोटीन रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देता है और रक्तचाप को बढ़ा देता है। इससे खून में थक्के जमने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा, अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन भी दिल की मांसपेशियों को कमजोर (कार्डियोमायोपैथी) कर देता है।

6. रूटीन हेल्थ चेकअप और लिपिड प्रोफाइल की अनदेखी (Ignoring Regular Health Checkups)

युवा अक्सर इस गलतफहमी में रहते हैं कि कम उम्र में उन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं हो सकती, जिसके चलते वे अपने ब्लड प्रेशर, शुगर (डायलिसिस/शुगर लेवल) और लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल) की नियमित जांच नहीं करवाते। हाई ब्लडप्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल 'साइलेंट किलर' माने जाते हैं, जो बिना किसी शुरुआती लक्षण के अंदर ही अंदर दिल को खोखला कर देते हैं। समय रहते इनकी जांच न कराना अचानक आने वाले हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण बनता है।

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