बिना चोट लगे ही शरीर पर अचानक क्यों पड़ने लगते हैं नीले-बैंगनी निशान, कहीं यह किसी गंभीर बीमारी का इशारा तो नहीं

बिना चोट लगे ही शरीर पर अचानक क्यों पड़ने लगते हैं नीले-बैंगनी निशान, कहीं यह किसी गंभीर बीमारी का इशारा तो नहीं

कई बार सुबह सोकर उठने पर या अचानक हाथ-पैरों को देखने पर त्वचा पर नीले, काले या गहरे बैंगनी रंग के बड़े-बड़े धब्बे दिखाई देने लगते हैं। हम काफी दिमाग दौड़ाते हैं, लेकिन हमें याद ही नहीं आता कि हमें कहीं कोई चोट लगी थी या हम किसी चीज से टकराए थे। अक्सर लोग इसे बेहद सामान्य बात समझकर या भूत-प्रेत के चुटकी काटने जैसी अंधविश्वासी बातों में आकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों की मानें तो बिना किसी बाहरी चोट के शरीर पर बार-बार ऐसे रहस्यमयी निशानों का उभरना आपके शरीर के भीतर चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी या किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकता है। इसे हल्के में लेना आपके स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।

जिम में भारी एक्सरसाइज और अत्यधिक शारीरिक मेहनत भी है एक बड़ी वजह

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप बहुत ज्यादा हैवी वर्कआउट करते हैं, जिम में भारी वजन उठाते हैं या अचानक बहुत ज्यादा कड़ा शारीरिक श्रम करते हैं, तो आपकी मांसपेशियों (मसल्स) पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इस भारी दबाव के कारण त्वचा के ठीक नीचे मौजूद बेहद बारीक और छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) अंदर ही अंदर फट जाती हैं। इन नसों के फटने से जो खून बाहर निकलता है, वह त्वचा की अंदरूनी परतों में जमा हो जाता है और बाहर नीले निशान के रूप में दिखाई देता है। ऐसे मामलों में व्यक्ति को दर्द या चोट का एहसास बिल्कुल नहीं होता, लेकिन निशान साफ नजर आते हैं।

आप जो दवाएं खा रहे हैं, कहीं वही तो नहीं बदल रहीं खून का रंग?

अगर आप किसी अन्य बीमारी के लिए नियमित रूप से दवाइयां ले रहे हैं, तो यह भी इन नीले निशानों की एक मुख्य वजह हो सकती है। खासतौर पर दिल के मरीजों को दी जाने वाली ब्लड थिनर (खून पतला करने वाली दवाएं), एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन जैसी पेनकिलर दवाएं शरीर में खून के थक्के (Clots) बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया को काफी धीमा कर देती हैं। ऐसी स्थिति में जब खून सामान्य गति से नहीं जमता, तो मामूली से दबाव या रगड़ के कारण भी नसों से खून का रिसाव बढ़ जाता है और त्वचा के नीचे आसानी से नीले-बैंगनी निशान बन जाते हैं। अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद यह समस्या बढ़ी है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें।

विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों की भयंकर कमी का है यह सीधा संकेत

शरीर में जरूरी विटामिंस और मिनरल्स की कमी होने पर भी हमारी त्वचा और नसें बेहद संवेदनशील हो जाती हैं। शरीर में विटामिन C की कमी होने पर ब्लड वेसल्स और स्किन को मजबूती देने वाले टिश्यूज कमजोर हो जाते हैं, जिससे हल्का सा दबाव पड़ने पर भी नसें टूट जाती हैं। वहीं, शरीर में आयरन की कमी होने से ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है जो ब्लड वेसल्स को कमजोर करता है। इसके अलावा, विटामिन K की कमी होना सबसे खतरनाक है क्योंकि यह विटामिन खून का थक्का जमाने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। इसकी कमी से शरीर में कहीं भी अंदरूनी ब्लीडिंग आसानी से शुरू हो जाती है और शरीर नीले निशानों से भर जाता है।

प्लेटलेट्स की कमी और ब्लड कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का भी हो सकता है खतरा

कुछ रेयर और गंभीर मामलों में ये नीले निशान सीधे तौर पर जानलेवा बीमारियों से जुड़े होते हैं। 'इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया' जैसी ऑटोइम्यून बीमारी में शरीर के अंदर प्लेटलेट्स काउंट बहुत तेजी से गिरने लगता है। चूंकि प्लेटलेट्स खून को बहने से रोकने और जमाने का काम करते हैं, इसलिए इनकी कमी होते ही त्वचा पर अचानक डरावने बैंगनी निशान उभर आते हैं। इसके अलावा, बार-बार बिना कारण पड़ने वाले नीले निशान 'नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा' या ल्यूकेमिया जैसे खतरनाक ब्लड कैंसर का भी शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। अगर इन निशानों के साथ-साथ आपको हर वक्त अत्यधिक थकान रहना, अचानक वजन कम होना, रात में पसीना आना या मसूड़ों और नाक से बार-बार खून बहने जैसी दिक्कतें हो रही हैं, तो मामला बेहद गंभीर हो सकता है।

कब हो जाना चाहिए सावधान और किस वक्त तुरंत भागें डॉक्टर के पास?

डॉक्टरों के अनुसार, हर नीले निशान को देखकर डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ लक्षणों को देखते ही तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। अगर आपके शरीर पर बिना किसी चोट के लगातार और बार-बार नए-नए नीले निशान बन रहे हों, पुराने निशानों का आकार और रंग लगातार बढ़ता ही जा रहा हो, छोटी सी खरोंच लगने पर भी खून बहना बंद न हो रहा हो, या फिर बिना वजह नाक और मसूड़ों से ब्लीडिंग हो रही हो, तो बिना एक दिन की भी देरी किए तुरंत कंपलीट ब्लड काउंट (CBC) और अन्य जरूरी ब्लड टेस्ट करवाने चाहिए। सही समय पर की गई जांच आपको किसी भी बड़ी अनहोनी से सुरक्षित बचा सकती है।

 

 

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