ढोल की थाप और भांगड़े से गूंजा मोहाली एयरपोर्ट: एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पंजाब पहुंची जापानी हॉकी टीम
पंजाब की पावन धरती पर पहली बार आयोजित होने जा रही प्रतिष्ठित पुरुष हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के रोमांचक मुकाबलों के लिए विदेशी टीमों का आगमन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में जापान की 18 सदस्यीय राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम शुक्रवार को मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची, जहां पंजाब खेल विभाग के उच्चाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। हवाई अड्डे के आगमन द्वार पर पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप, जोशीले भांगड़े और फूलों की मालाएं पहनाकर जापानी दल को खांटी पंजाबी मेहमाननवाजी का अहसास कराया गया। पंजाबियों के इस खुले दिल और गर्मजोशी से भरे इस्तकबाल से जापानी खिलाड़ी बेहद गदगद नजर आए और उन्होंने मेजबानों का दिल से आभार जताते हुए कहा कि भारतीय हॉकी की ऐतिहासिक नर्सरी माने जाने वाले पंजाब के मैदानों पर खेलना उनके लिए एक बड़ा और रोमांचक अनुभव होगा।
टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी पेश करने उतरी जापान की मजबूत टीम की कमान स्टार खिलाड़ी फुजीशिमा राइकी संभाल रहे हैं। इस 18 सदस्यीय दल में कप्तान फुजीशिमा राइकी के साथ यामादा शोटा, तनाका सेरेन, वातानाबे जून, मात्सुमोतो काजूमासा, नागाई युमा, यामाशिता मनाबू, नागायोशी केन, सैतो हीरो, काशिवागी रेन, तनाका सुबासा, ओका रयोमा, कावामुरा यूसुके, कुरोदा किशो (गोलकीपर), यामानाका मोटोया, ओचाई हारुकी, कितागावा ताकुमी (गोलकीपर) और फुकुदा केंटारो जैसे अनुभवी व युवा खिलाड़ी शामिल हैं। टूर्नामेंट के दौरान जापानी खिलाड़ियों के ठहरने, सुरक्षा, खानपान और दैनिक अभ्यास सत्रों के लिए खेल विभाग व स्थानीय प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पुख्ता और चाक-चौबंद बंदोबस्त किए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर खिलाड़ियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
एशियाई हॉकी महासंघ के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस बार मेजबान भारत और जापान के अलावा दक्षिण कोरिया, चीन, मलेशिया और बांग्लादेश की टीमें खिताबी जंग के लिए आमने-सामने होंगी। टूर्नामेंट का रंगारंग आगाज 27 अक्टूबर को खेल नगरी जालंधर के ऐतिहासिक ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में होगा, जहां शुरुआती चरण के हाई-वोल्टेज लीग मैच खेले जाएंगे। इसके बाद टूर्नामेंट के नॉकआउट और बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली के अत्याधुनिक ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। पंजाब सरकार ने सभी छह देशों के प्रतिनिधिमंडलों और खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं, कड़े सुरक्षा घेरे और बेहतरीन आतिथ्य की गारंटी दी है, जिससे एशिया के इन शीर्ष हॉकी सूरमाओं के बीच मैदानी जंग बेहद यादगार होने की पूरी उम्मीद है।