Up Kiran, Digital Desk: मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र में 15 दिन पहले हुई एक महिला की हत्या का राज आखिरकार खुल गया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति और उसके साथी अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से यह हत्या एक सनसनी बन गई थी।
पुलिस मुठभेड़ में आरोपी हुआ घायल
सोमवार रात पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर बरेली हाईवे बाईपास पर एक घेराबंदी की गई। जैसे ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को घेरने की कोशिश की, उनमें से एक ने पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी ललित उर्फ मंगल को पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके से ललित और मृतका के पति राकेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पत्नी की हत्या के पीछे गहरी साजिश
पुलिस पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि राकेश ने अपने साथी ललित के साथ मिलकर अपनी पत्नी अनीता की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने 27 दिसंबर 2025 को अनीता को लेकर रांची बांगर रोड पर स्थित एक सुनसान गेहूं के खेत में पहुंचकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद दोनों ने शव को खेत में फेंककर साक्ष्य छिपाने की कोशिश की और फरार हो गए थे।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी ललित उर्फ मंगल एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर मथुरा के विभिन्न थानों में 19 गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट और गुंडा एक्ट जैसे मामलों का समावेश है। वहीं, मृतका के पति राकेश पर भी हत्या और पुलिस मुठभेड़ के संबंध में मामले दर्ज किए गए हैं।
समाज में आक्रोश और सवाल
इस सनसनीखेज घटना ने मथुरा जिले के लोगों को चौंका दिया है। खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अपराधी किस हद तक निष्ठुर हो सकते हैं और परिवार के भीतर भी ऐसी साजिशें रची जा सकती हैं। हालांकि पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से यह मामले की जांच सही दिशा में बढ़ी है, लेकिन इस घटना ने समाज में असुरक्षा की भावना को भी जन्म दिया है।
पुलिस का सख्त रुख
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे कृत्य करने वालों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मथुरा पुलिस का मानना है कि इस मामले की त्वरित जांच और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से समाज में कानून का डर बढ़ेगा और भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी।




