मोतिहारी चीनी मिल की जमीन बिक्री पर भड़के पप्पू यादव, पूछा- किसके इशारे पर हुआ यह बड़ा खेल और कौन हैं खरीदार?

मोतिहारी चीनी मिल की जमीन बिक्री पर भड़के पप्पू यादव, पूछा- किसके इशारे पर हुआ यह बड़ा खेल और कौन हैं खरीदार?

बिहार के चंपारण की ऐतिहासिक मोतिहारी चीनी मिल को लेकर सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्णिया के सांसद और जन अधिकार पार्टी (JAP) के संरक्षक पप्पू यादव ने इस बंद पड़ी मिल की बेशकीमती जमीनों की कथित बिक्री को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोतिहारी पहुंचे पप्पू यादव ने सरेआम तीखे सवाल दागते हुए इस पूरे मामले में बड़े भ्रष्टाचार और सांठगांठ का आरोप लगाया है, जिसने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

बंद मिल के बहाने चंपारण के किसानों के साथ हुआ बड़ा धोखा

पप्पू यादव ने चीनी मिल परिसर का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस मिल से कभी चंपारण के हजारों किसानों और मजदूरों का घर चलता था, आज उसकी जमीनों को कौड़ियों के भाव माफियाओं को बेचा जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि आखिर किसके राजनीतिक और प्रशासनिक इशारे पर मिल की इस सरकारी व किसानों की जमीन की रजिस्ट्री की गई? उन्होंने मांग की है कि उन सभी रसूखदार लोगों के नामों का तुरंत खुलासा किया जाए, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इस जमीन को खरीदा है।

आंदोलन की दी चेतावनी, मुख्यमंत्री से की उच्च स्तरीय जांच की मांग

सांसद पप्पू यादव ने चेतावनी दी है कि वे चीनी मिल की एक इंच जमीन भी भू-माफियाओं के हवाले नहीं होने देंगे। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री से इस पूरे जमीन घोटाले की एक उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पप्पू यादव ने कहा कि अगर सरकार ने इस अवैध खरीद-बिक्री को तुरंत रद्द नहीं किया और मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम नहीं उठाए, तो वे पूरे चंपारण के किसानों और नौजवानों को एकजुट कर मोतिहारी की धरती पर एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेंगे।

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