बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, पटना-गया समेत 20 जिलों में अलर्ट जारी
बिहार के लोगों के लिए चिलचिलाती गर्मी और सूखे जैसी स्थिति के बीच मौसम को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में एक बार फिर से मॉनसून सक्रिय होने जा रहा है और मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) के अब गहरे अवदाब (Depression) में तब्दील होने के कारण बिहार के कई हिस्सों में झमाझम बारिश की रफ्तार काफी तेज हो सकती है। इस नए वेदर सिस्टम को देखते हुए मौसम विभाग ने सूबे के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज मेघ गर्जन और खतरनाक वज्रपात (आसामी बिजली) को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में मूसलाधार आफत की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण और पश्चिम बिहार के जिलों में इस नए मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इन जिलों के स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
पटना और गया समेत 20 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी
इस नए चक्रवाती सिस्टम के असर से बिहार के कुल 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन संवेदनशील जिलों में राजधानी पटना, गया, नालंदा, भागलपुर, नवादा, जहानाबाद और मुंगेर जैसे बड़े शहर शामिल हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने आम जनता से बेहद खास अपील की है कि खराब मौसम या काले बादल छाने के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। वज्रपात के समय कंक्रीट के मकानों में शरण लें और भूलकर भी ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले खेतों के आसपास न खड़े हों।