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विदेशी शेयर बाजार में पैसा लगाना हुआ बेहद आसान: जेरोधा से लेकर Groww तक को मिली बड़ी मंजूरी

यदि आप भी भारतीय शेयर बाजार (Share Market) के साथ-साथ दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों जैसे ऐपल, गूगल, टेस्ला और एनवीडिया में निवेश कर मोटी कमाई करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर आई है। देश के चार सबसे बड़े और बेहद लोकप्रिय रिटेल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म– जेरोधा (Zerodha), ग्रो (Groww), एंजल वन (Angel One) और अपस्टॉक्स (Upstox) को गुजरात की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नगरी यानी 'गिफ्ट सिटी' (GIFT City) के जरिए अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों (US Stocks) में सीधे निवेश की सुविधा शुरू करने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इन चारों दिग्गज कंपनियों को इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से बेहद जरूरी और अंतिम लाइसेंस प्राप्त हो चुका है। लाइव हिन्दुस्तान की इस आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO/GEO) कस्टमाइज्ड विशेष बिजनेस इनसाइडर रिपोर्ट में डिजिटल डेस्क के साथ विस्तार से जानिए कि यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी और कब से आप विदेशी बाजारों में ट्रेडिंग शुरू कर पाएंगे।

अगले दो से तीन महीनों में लाइव हो जाएगी ग्लोबल ट्रेडिंग की सुविधा, जोरों पर चल रहा है तकनीकी परीक्षण

मनीकंट्रोल की एक लेटेस्ट एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश करने की यह बहुप्रतीक्षित डिजिटल सुविधा अगले दो से तीन महीनों के भीतर पूरी तरह से लाइव होने की उम्मीद है। वर्तमान में ये सभी चारों ब्रोकरेज कंपनियां बैकएंड पर टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, सर्वर टेस्टिंग, अंतरराष्ट्रीय पेमेंट गेटवे और सख्त कंप्लायंस (नियमों के पालन) की प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं। इस तकनीकी तालमेल के पूरा होते ही ये चारों प्लेटफॉर्म उन चुनिंदा वैश्विक वित्तीय संस्थानों की एलीट लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, जो भारत से बैठे-बैठे कानूनी रूप से विदेशी इक्विटी मार्केट में ट्रेडिंग करने की सहूलियत प्रदान करते हैं।

जानिए कैसे काम करेगा नया सिस्टम, जेरोधा-अपस्टॉक्स बनेंगे ब्रोकर-डीलर तो ग्रो और एंजेल वन को मिला गैप फ्रेमवर्क

इस नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत अलग-अलग ब्रोकरेज फर्म्स दो तरह के मॉडल्स पर काम करने जा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जेरोधा और अपस्टॉक्स सीधे 'ब्रोकर-डीलर' के तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में काम करेंगे। ये दोनों कंपनियां ट्रेड को प्रोसेस करने के लिए दुनिया के जाने-माने विदेशी पार्टनर्स जैसे व्यूट्रेड इंटरनेशनल (ViewTrade International), इंटरएक्टिव ब्रोकर्स (Interactive Brokers) और अल्पाका सिक्योरिटीज (Alpaca Securities) के वैश्विक नेटवर्क का इस्तेमाल करेंगी। दूसरी तरफ, ग्रो (Groww) और एंजेल वन को आईएफएससीए के विशेष 'ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर' (GAP) फ्रेमवर्क के तहत यह सेवा प्रदान करने की अनुमति मिली है, जो भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए विदेशी बाजारों के दरवाजे को पूरी तरह सुरक्षित और सुलभ बना देगा।

इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म 'धन' को भी मिल चुका है लाइसेंस, आईएनडीमनी और एचडीएफसी सिक्योरिटीज से मिलेगी कड़ी टक्कर

हाल ही में एक और उभरते हुए इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म 'धन' (Dhan) को भी अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश की सुविधा शुरू करने की अनुमति मिली थी, जिसके ठीक बाद इन चार बड़े दिग्गजों को यह हरी झंडी दी गई है। यह ट्रेंड साफ दर्शाता है कि भारतीय निवेशकों के बीच ग्लोबल मार्केट और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन को लेकर कितनी तेजी से क्रेज बढ़ रहा है। आपको बता दें कि स्मॉलकेस (Smallcase), आईएनडीमनी (INDmoney) और एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HDFC Securities) जैसे प्लेटफॉर्म्स पहले से ही अलग-अलग विदेशी टाई-अप्स और रूट के जरिए भारतीय यूजर्स को अंतरराष्ट्रीय स्टॉक्स तक एक्सेस दे रहे हैं। लेकिन अब जेरोधा और ग्रो जैसे मार्केट लीडर्स के इस रेस में उतरने से देश के करोड़ों छोटे निवेशकों के लिए विदेशी बाजारों में निवेश की लागत (ब्रोकरेज चार्ज) बेहद कम होने की उम्मीद है।

एआई, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स में पैसा लगाने की बढ़ी भारी डिमांड

हाल के कुछ वर्षों में भारतीय निवेशकों के बीच अंतरराष्ट्रीय निवेश, खासकर अमेरिकी वॉल स्ट्रीट (Wall Street) की मांग में अभूतपूर्व उछाल देखा गया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भारतीय युवा और समझदार निवेशक आज के दौर के सबसे हॉट और फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्लोबल सेमीकंडक्टर चिप इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मैन्युफैक्चरिंग और प्राइवेट स्पेस टेक्नोलॉजी के वैश्विक विकास का हिस्सा बनना चाहते हैं, जिनकी बड़ी और लीडर कंपनियां अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

क्या है गुजरात की 'गिफ्ट सिटी' और इसका आईएफएससीए (IFSCA) ग्लोबल एक्सेस फ्रेमवर्क?

गुजरात के गांधीनगर में स्थित गिफ्ट सिटी (GIFT City) भारत का इकलौता और बेहद आधुनिक इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) है। यह एक विशेष रूप से निर्मित वित्तीय जोन है, जिसे अंतरराष्ट्रीय या सीमा-पार (Cross-Border) वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग और बड़े ट्रांजैक्शंस को बिना किसी लालफीताशाही के बेहद आसान और टैक्स-फ्रेंडली बनाने के लिए स्थापित किया गया है। यहां की सर्वोच्च नियामक संस्था आईएफएससीए (IFSCA) ने भारतीय खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए विदेशी सिक्योरिटीज तक उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए ही ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) फ्रेमवर्क की शुरुआत की है। इसके तहत, भारत में बैठकर ही बिना किसी जटिल विदेशी कागजी कार्रवाई के, भारत-आधारित मजबूत रेगुलेटरी सुरक्षा के दायरे में रहकर ग्लोबल स्टॉक्स की खरीद-बिक्री की जा सकती है।

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