बर्थडे स्पेशल: "अगर तुम लोगों के पटाखे खत्म हो गए हों..." इन 5 डायलॉग्स की वजह से सुपरस्टार बन गए रणवीर सिंह
बॉलीवुड के सबसे एनर्जेटिक और वर्सटाइल सुपरस्टार रणवीर सिंह आज यानी 6 जुलाई को अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। रणवीर सिंह के लिए साल 2025 और 2026 बेहद शानदार और यादगार रहा है, जिसका सबसे बड़ा श्रेय निर्देशक आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' को जाता है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। रणवीर सिंह न सिर्फ अपनी बेहतरीन एक्टिंग और अतरंगी स्टाइल बल्कि अपनी फिल्मों के दमदार और कड़क डायलॉग्स के लिए भी जाने जाते हैं। आज उनके इस खास मौके पर आइए नजर डालते हैं रणवीर सिंह के करियर के उन 5 सबसे बड़े और यादगार संवादों पर, जिन्हें सुनकर फैंस आज भी दीवाने हो जाते हैं।
'धुरंधर' का वो डायलॉग जिसने थिएटर को बना दिया था स्टेडियम
आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर' में रणवीर सिंह ने एक्शन का एक ऐसा अवतार दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। फिल्म का एक वन-लाइनर संवाद ऐसा था जिसने सिनेमाघरों में दर्शकों को कुर्सियों से उठकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया था। फिल्म के एक बेहद अहम और हाई-वोल्टेज सीन में जब रणवीर सिंह बड़े ही टशन के साथ कहते हैं—
"अगर तुम लोगों के पटाखे खत्म हो गए हों... तो मैं धमाका शुरू करूं?"
इस एक डायलॉग ने सोशल मीडिया से लेकर हर थिएटर के अंदर तहलका मचा दिया था और इसे रणवीर के करियर के सबसे कल्ट संवादों में गिना जाने लगा है।
'राम-लीला' का बेखौफ और रोमांटिक अंदाज
संजय लीला भंसाली की सुपरहिट फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में रणवीर सिंह ने 'राम' का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उन्होंने जिस सहजता से निडरता, रोमांस और देसी आकर्षण को पर्दे पर उतारा, उसने हर किसी का दिल जीत लिया। फिल्म में बंदूकों की गड़गड़ाहट के बीच उनका एक डायलॉग आज भी युवाओं की जुबान पर रहता है—
"हीरो बनने के लिए जिगर की ज़रूरत पड़ती है... और जब जिगर हो तो भारी बंदूक का क्या काम?"
यह संवाद उनके बेखौफ और रोमांटिक विद्रोही वाले किरदार को पूरी तरह परिभाषित करता है।
'बैंड बाजा बारात' की वो मशहूर 'ब्रेड पकौड़े की कसम'
साल 2010 में आई रणवीर सिंह की डेब्यू फिल्म 'बैंड बाजा बारात' को कौन भूल सकता है? दिल्ली के एक ठेठ लड़के 'बिट्टू शर्मा' के रोल में रणवीर ने पहली ही फिल्म से साबित कर दिया था कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं। फिल्म में अनुष्का शर्मा के साथ उनकी नोक-झोंक और एक साधारण सी कसम बॉलीवुड इतिहास में अमर हो गई। जब बिट्टू कहता है—
"प्रॉमिस, मैं कभी दोस्ती के आगे नहीं बढ़ूंगा।" इस पर जब अनुष्का शर्मा पूछती हैं, 'क्या गारंटी है?' तो रणवीर बड़े ही देसी अंदाज में जवाब देते हैं— "ले, ब्रेड पकौड़े की कसम! बस?"
यह डायलॉग आज भी मीम्स की दुनिया और आम बोलचाल में बेहद लोकप्रिय है।
'बाजीराव मस्तानी' में पेशवा का वो रौंगटे खड़े कर देने वाला डायलॉग
संजय लीला भंसाली की ही एक और ऐतिहासिक मास्टरपीस फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' में रणवीर सिंह ने महान मराठा योद्धा पेशवा बाजीराव के किरदार को इस कदर जिया कि लोग दंग रह गए। उनकी कड़क आवाज, शाही अंदाज और संवाद अदायगी ने इस फिल्म को अमर बना दिया। फिल्म का सबसे लोकप्रिय और रोंगटे खड़े कर देने वाला संवाद था—
"बाजीराव की रफ्तार ही बाजीराव की पहचान है।"
रणवीर सिंह ने इस डायलॉग को इतनी ताकत और दृढ़ विश्वास के साथ पर्दे पर बोला था कि यह उनके करियर का सबसे आइकॉनिक डायलॉग बन गया। आज रणवीर सिंह के जन्मदिन पर उनके फैंस सोशल मीडिया पर इन डायलॉग्स को शेयर कर उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।