जसवंत सिंह खालरा की कहानी दिखाना पड़ा भारी, दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' भारत में बैन
ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित और संवेदनशील फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ZEE5 इंडिया ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होते ही तहलका मचाने वाली इस फिल्म को अब कंपनी ने अगली सूचना तक अपने प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटा दिया है। फिल्म को अचानक हटाए जाने से जहां देश भर के सिनेमा प्रेमी और दिलजीत के फैंस हैरान-परेशान हैं, वहीं अब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ZEE5 ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने साफ किया है कि वह कानूनी और उचित प्रक्रिया के माध्यम से इस फिल्म को भारतीय दर्शकों के बीच वापस लाने के सभी विकल्पों पर बेहद गंभीरता से विचार कर रही है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है फिल्म
आपको बता दें कि मशहूर निर्देशक हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी फिल्म 'सतलुज' पंजाब के दिग्गज मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के वास्तविक जीवन और उनके कड़े संघर्षों पर आधारित है, जो साल 1995 में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। इस फिल्म का निर्माण RSVP और मैकगफिन पिक्चर्स (MacGuffin Pictures) के बैनर तले किया गया है। फिल्म में मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे मंझे हुए कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
ZEE5 ने दर्शकों का जताया आभार, कहा— प्रतिक्रिया वाकई जबरदस्त थी
अपने आधिकारिक बयान में ZEE5 ने फिल्म 'सतलुज' को देश भर के दर्शकों से मिली शानदार प्रतिक्रिया की जमकर सराहना की है। प्लेटफॉर्म ने पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "रिलीज के बाद से 'सतलुज' को भारतीय दर्शकों से जो प्रतिक्रिया मिली है, वह वाकई अद्भुत और जबरदस्त रही है। हम हर उस दर्शक के दिल से आभारी हैं जिन्होंने हमारी सेवाओं को सब्सक्राइब किया, इस फिल्म को देखा और इसका खुलकर समर्थन किया। आपका यह प्यार और जुड़ाव हमारे लिए और इस ऐतिहासिक कहानी को पर्दे पर जीवंत करने वाले हर एक व्यक्ति के लिए बहुत मायने रखता है।"