Ayatollah Khamenei Funeral: बिना युद्ध अचानक खोदी जा रही हैं हजारों एडवांस कब्रें! तेहरान से आई इस खबर ने दुनिया को चौंकाया
तेहरान/नई दिल्ली: अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का हफ्ते भर चलने वाला भव्य अंतिम संस्कार कार्यक्रम शुरू हो चुका है. लेकिन इस ऐतिहासिक और गमगीन माहौल के बीच, ईरान की राजधानी तेहरान से एक ऐसी हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है जिसने वैश्विक स्तर पर सनसनी फैला दी है. एक मशहूर जर्मन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारी तेहरान के सबसे बड़े कब्रिस्तान में हजारों नई कब्रें एडवांस में तैयार कर रहे हैं. बिना किसी ताजा युद्ध या नए हमले के, अचानक इतनी बड़ी तादाद में कब्रें खोदे जाने की इस खबर ने पूरी दुनिया के खुफिया विभागों और विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है.
जर्मन मीडिया का बड़ा दावा: तेहरान के मुख्य कब्रिस्तान में मची है हलचल
इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के ऐतिहासिक और सबसे बड़े कब्रिस्तान 'बेहिश्त-ए-जहरा' (Behesht-e-Zahra) में पिछले कुछ दिनों से अप्रत्याशित रूप से खुदाई का काम चल रहा है. जर्मन अखबार ने दावा किया है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच ही प्रशासन द्वारा 1500 से 3000 के करीब नई कब्रें एडवांस में तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं. इस कदम को लेकर पश्चिमी देशों के रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान किसी बड़े भविष्य के संकट, भगदड़ की आशंका या इजरायल-अमेरिका के साथ संभावित अगले टकराव को ध्यान में रखकर यह बैकअप प्लान तैयार कर रहा है. हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है.
'वी मस्ट राइज': तेहरान की सड़कों पर उमड़ा 3 करोड़ लोगों का हुजूम
अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला (Grand Mosalla) में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है. इस 6 दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पूरे मध्य पूर्व (West Asia) और ईरान के कोने-कोने से करीब 3 करोड़ लोगों के जुटने का अनुमान जताया जा रहा है. तेहरान की सड़कों पर इस समय 'मस्ट राइज' (हमें उठना होगा) और 'डेथ टू अमेरिका-डेथ टू इजरायल' के नारे गूंज रहे हैं. शिया परंपरा के मुताबिक, भीड़ में चारों तरफ लाल झंडे लहरा रहे हैं, जो सीधे तौर पर खून का बदला लेने का प्रतीक माने जाते हैं.
सुरक्षा और भगदड़ को रोकने के लिए प्रशासन के कड़े इंतजाम
ईरान सरकार इस बार सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर बेहद सतर्क है. इतिहास गवाह है कि ईरान में बड़े नेताओं के अंतिम संस्कार के दौरान भारी भीड़ के चलते भगदड़ (Stampede) मचने से सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. इसी खतरे को टालने के लिए तेहरान प्रशासन ने शहर में 5,000 मस्जिदों और 700 स्कूलों को तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए खोल दिया है. रेड क्रेसेंट ने मल्लत पार्क के अंदर 1,000 तंबू लगाए हैं. इसके साथ ही भीषण गर्मी (करीब 36 डिग्री सेल्सियस तापमान) को देखते हुए पूरी भीड़ पर वॉटर मिस्ट स्प्रे का छिड़काव किया जा रहा है और 24 घंटे किराना दुकानों को खुला रखने का आदेश दिया गया है.
9 जुलाई को मशहद में होगा दफन, 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि पहुंचे
अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भारत, रूस, सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत दुनिया के 100 से अधिक देशों के उच्च स्तरीय राजनयिक और राष्ट्राध्यक्ष शामिल होने तेहरान पहुंचे हैं. तय शेड्यूल के मुताबिक, तेहरान के बाद उनके पार्थिव शरीर को पवित्र शहर कौम (Qom) और इराक के शिया धार्मिक स्थलों नजफ व करबला ले जाया जाएगा. इसके बाद 8 जुलाई को शव को वापस ईरान लाकर 9 जुलाई को मशहद (Mashhad) स्थित इमाम रजा के पवित्र धर्मस्थल में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. यह पूरा आयोजन ईरान के नए सुप्रीम लीडर और खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई की देखरेख में हो रहा है.