क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट, OPEC+ ने लगातार 5वीं बार उठाया ये बड़ा कदम
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इसी बीच, तेल उत्पादक देशों के सबसे शक्तिशाली संगठन OPEC+ (पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन और उनके सहयोगी) ने अगस्त महीने के लिए कच्चे तेल के उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी करने का एक बड़ा ऐलान किया है।
यह लगातार पांचवां महीना है जब इस तेल उत्पादक समूह ने वैश्विक बाजार में आपूर्ति (Supply) बढ़ाने का फैसला किया है। रविवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में ओपेक प्लस ने घोषणा की कि समूह के 7 प्रमुख सदस्य देश अगले महीने से संयुक्त रूप से 188,000 बैरल प्रतिदिन (bpd) अतिरिक्त तेल का उत्पादन करेंगे।
ये 7 दिग्गज देश बढ़ाएंगे तेल का उत्पादन
बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए इस बार ओपेक+ के सात बड़े खिलाड़ी मैदान में उतरे हैं। इस अतिरिक्त आपूर्ति का जिम्मा मुख्य रूप से निम्नलिखित देशों ने लिया है:
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सऊदी अरब (Saudi Arabia)
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रूस (Russia)
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इराक (Iraq)
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कुवैत (Kuwait)
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कजाकिस्तान (Kazakhstan)
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अल्जीरिया (Algeria)
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ओमान (Oman)
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की लिक्विडिटी बढ़ेगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हालिया संघर्ष के दौरान आसमान छू रही तेल की कीमतें अब अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं।
उत्पादन बढ़ाने के बाद भी सतर्क मोड में OPEC+
भले ही ओपेक प्लस ने उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की है, लेकिन संगठन ने बाजार को लेकर एक बेहद सतर्क दृष्टिकोण (Cautious Approach) अपनाने पर जोर दिया है। समूह ने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि किसी आक्रामक विस्तार का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक नपा-तुला कदम है।
"सभी सदस्य देश बाजार की बदलती स्थितियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। बाजार में स्थिरता (Market Stability) बनाए रखने के लिए आगे भी हर कदम फूंक-फूंक कर रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर नीतियों की समीक्षा की जाएगी।" - OPEC+ का आधिकारिक बयान
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समझौता और घटती कीमतें
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच हुआ एक अंतरिम समझौता है। इस समझौते के बाद से ही एनर्जी मार्केट में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
इस व्यापक सहमति के तहत, ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कमर्शियल जहाजों को बिना किसी रुकावट के गुजरने की अनुमति दे दी है। बदले में, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी सख्त आर्थिक नाकेबंदी को हटाने पर सहमति जताई है। इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) में भरोसा लौटा है। फिलहाल इस रणनीतिक जलमार्ग से, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, जहाजों का आवागमन तेजी से बढ़ रहा है।
सुधार के बाद भी सुरक्षा की चिंताएं बरकरार
भले ही समुद्री व्यापार पटरी पर लौट रहा है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा को लेकर सस्पेंस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हाल ही में ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस रूट से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को तय किए गए अंतरराष्ट्रीय मार्गों का ही पालन करना होगा, ऐसा न करने पर "कड़ी कार्रवाई" की जा सकती है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच एक स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत जारी है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।