मासूम को गोद में लेकर टंकी पर चढ़ा पिता! नीचे हाथ जोड़ते रहे लोग, 2 घंटे तक हलक में अटकी रहीं सैकड़ों सांसें
झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड क्षेत्र में पारिवारिक संपत्ति विवाद के चलते शुक्रवार सुबह दिल दहला देने वाला हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पैतृक मकान में महज एक कमरे के बंटवारे को लेकर उपजे विवाद में महादेव तिवारी नामक युवक अपने 4 साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर गांव की 150 फीट ऊंची पानी की टंकी (जलमीनार) पर चढ़ गया। टंकी की मुंडेर पर खड़े होकर युवक अपने ही जिगर के टुकड़े को नीचे फेंकने की लगातार धमकियां देने लगा, जिससे पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टंकी के नीचे सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई हाथ जोड़कर युवक से मासूम की जान बख्शने और नीचे उतरने की मिन्नतें करता रहा।
स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक, महादेव तिवारी का अपने पिता, भाई और पत्नी के साथ लंबे समय से अनबन और घरेलू कलह चल रही थी। बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहा युवक परिवार से पैतृक मकान में रहने के लिए सिर्फ एक अलग कमरा मांग रहा था, ताकि वह अपनी अलग गृहस्थी बसा सके। जब घर वालों ने उसकी यह मांग पूरी नहीं की, तो गुस्से और हताशा में आकर वह सुबह करीब 10 बजे अपने चार वर्षीय बेटे को लेकर जलमीनार के शीर्ष पर पहुंच गया। इस खौफनाक कदम ने स्थानीय प्रशासन से लेकर गांव के हर बाशिंदे की सांसें अटका दीं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर एसडीओ जितेंद्र प्रसाद और एसडीपीओ शैलेंद्र कुमार सिंह तुरंत भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को भांपते हुए एसडीपीओ शैलेंद्र कुमार सिंह खुद हिम्मत जुटाकर टंकी पर चढ़े और युवक को भावनात्मक रूप से समझाने का प्रयास करने लगे, जबकि नीचे खड़े एसडीओ जितेंद्र प्रसाद लाउडस्पीकर के जरिए पारिवारिक विवाद सुलझाने और कमरे की व्यवस्था कराने का पक्का आश्वासन देते रहे। अधिकारियों और ग्रामीणों की करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत, सूझबूझ और ठोस आश्वासन के बाद आखिरकार युवक की जिद ढीली पड़ी और वह मासूम बच्चे के साथ सकुशल नीचे उतर आया, जिसके बाद जाकर परिजनों और प्रशासनिक अमले ने राहत की सांस ली।