दुमका में मइयां सम्मान योजना पर बड़ा एक्शन: अपात्र होकर भी उठा रहे थे लाभ, जांच के बाद 11 परिवारों पर गिरी गाज
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना' (Maiya Samman Yojana) को लेकर दुमका जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अपात्रों द्वारा सेंधमारी का मामला उजागर हुआ है। दुमका जिला प्रशासन की जांच में 11 ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं, जो योजना की शर्तों और पात्रता के दायरे में नहीं आते थे, लेकिन गलत हलफनामा या तथ्य छुपाकर इस सरकारी सहायता का लाभ उठा रहे थे। मामला सामने आते ही समाज कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इन सभी 11 परिवारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ऐसे सामने आया अपात्रों का फर्जीवाड़ा
मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना के तहत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिलना है। आयकर दाता (Income Tax Payers), सरकारी नौकरी वाले परिवारों के सदस्य या तय सीमा से अधिक भूमि व संसाधन रखने वाले लोग इस योजना के लिए पूरी तरह अपात्र हैं। दुमका जिला प्रशासन को भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और स्थानीय स्तर पर स्क्रूटनी के दौरान यह इनपुट मिला कि कुछ संपन्न और अपात्र परिवारों की महिलाएं भी हर महीने इस सम्मान राशि का लाभ ले रही हैं। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
जांच टीम ने जब संदिग्ध आवेदनों और संबंधित परिवारों के राजस्व व आय दस्तावेजों का मिलान किया, तो फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए निम्नलिखित कार्रवाई की है:
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योजना का लाभ तुरंत बंद: इन सभी 11 चिन्हित अपात्र परिवारों की महिलाओं का नाम लाभार्थी सूची से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
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पूरी राशि की होगी रिकवरी: अब तक इन परिवारों द्वारा मइयां सम्मान योजना के तहत जितनी भी किश्तें या राशि प्राप्त की गई है, उसकी शत-प्रतिशत सरकारी वसूली (Recovery) के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है।
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फर्जी हलफनामे पर केस: गलत जानकारी देकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप में इन परिवारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
फर्जीवाड़ा करने वालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी
दुमका जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह जांच प्रक्रिया अभी रुकी नहीं है। जिले के सभी प्रखंडों (Blocks) और पंचायतों में लाभार्थियों की सूची का सोशल ऑडिट और री-वेरिफिकेशन लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई संपन्न या अपात्र व्यक्ति इस योजना का गलत लाभ उठा रहा है, तो उसकी सूचना ब्लॉक मुख्यालय में दें। साथ ही, अपात्रों को सचेत किया गया है कि वे स्वेच्छा से अपना नाम वापस ले लें, अन्यथा पकड़े जाने पर न सिर्फ राशि वसूल की जाएगी, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।