धनबाद में बड़ा भंडाफोड़: BCCL के सरकारी आवास में चल रहा था अवैध लॉटरी का मिनी प्रिंटिंग प्रेस, पुलिस छापेमारी में मिला काले कारोबार का जखीरा
झारखंड की कोयला राजधानी कहे जाने वाले धनबाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के एक सरकारी क्वार्टर के भीतर अवैध लॉटरी (Illegal Lottery) का एक बड़ा खेल खेला जा रहा था। पुलिस की गुप्त सूचना पर की गई ताबड़तोड़ छापेमारी में एक मिनी प्रिंटिंग प्रेस का भंडाफोड़ हुआ है, जहां धड़ल्ले से जाली और अवैध लॉटरी टिकट छापे जा रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से काले कारोबार का भारी जखीरा मिला है। इस खुलासे के बाद से बीसीसीएल प्रबंधन और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
धनबाद पुलिस को पिछले काफी समय से यह सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध लॉटरी का जाल फैला हुआ है, जिससे आम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने बीसीसीएल आवासीय कॉलोनी के एक बंदनुमा दिखने वाले क्वार्टर में अचानक दबिश दी। पुलिस जब अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। एक आलीशान सरकारी आवास के कमरों को बकायदा एक आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस में तब्दील कर दिया गया था।
छापेमारी में बरामद हुआ अवैध सामग्री का जखीरा
पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई के दौरान मौके से जो सामान बरामद हुआ है, वह इस सिंडिकेट के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
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लाखों के लॉटरी टिकट: अलग-अलग राज्यों के नाम पर छपे और छपने के लिए तैयार लाखों रुपये मूल्य के अवैध लॉटरी टिकट।
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हाईटेक गैजेट्स: टिकटों की डिजाइनिंग और छपाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई आधुनिक कंप्यूटर, हैवी-ड्यूटी कलर प्रिंटर और डिजिटल कटिंग मशीनें।
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नगदी और रिकॉर्ड: लॉटरी के खेल से जुड़े लेन-देन के हिसाब-किताब के रजिस्टर, कई मोबाइल फोन और भारी मात्रा में नगदी।
सरकारी आवास से चल रहा था सिंडिकेट: सरगना की तलाश
इस पूरी घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि इस अवैध धंधे के लिए बीसीसीएल (BCCL Housing) के एक अलॉटेड क्वार्टर का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि यह आवास किसके नाम पर आवंटित था और क्या बीसीसीएल के किसी कर्मचारी या अधिकारी की इस काले कारोबार में मिलीभगत है। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर इस गिरोह के मुख्य सरगना (Kingpin) और किंग और अन्य ठिकानों का पता लगाया जा रहा है।
धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक अंतर-राज्यीय गिरोह हो सकता है, जिसके तार पश्चिम बंगाल और अन्य पड़ोसी राज्यों से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस जल्द ही इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।