धनबाद भू-धंसान मामला: मेयर ने BCCL प्रबंधन को ठहराया सीधे तौर पर जिम्मेदार, जीएम ने रात में रेस्क्यू ऑपरेशन से किया इनकार
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद (Dhanbad) में भूमि धंसने (Land Subsidence) की घटनाओं ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। इस खतरनाक हादसे के बाद से प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL - Bharat Coking Coal Limited) प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस बीच, स्थानीय मेयर ने इस पूरे हादसे के लिए सीधे तौर पर बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि दूसरी तरफ बीसीसीएल के महाप्रबंधक (GM) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रात के समय रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने से साफ इनकार कर दिया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की हर एक अहम बात।
मेयर ने BCCL प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
धनबाद में भू-धंसान की घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और मेयर ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। मेयर ने कड़े शब्दों में बीसीसीएल प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कोयले के अवैध और असुरक्षित खनन तथा प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण ही आम जनता की जान जोखिम में पड़ रही है। मेयर के मुताबिक, चेतावनी मिलने और पहले से खतरे के संकेत होने के बावजूद बीसीसीएल अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए, जिसके चलते यह खतरनाक भू-धंसान हुआ है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल सुरक्षित पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की है।
जीएम ने रात के वक्त रेस्क्यू से क्यों किया इनकार?
घटना के बाद जब मलबे या धंसे हुए हिस्से में लोगों के फंसे होने या राहत कार्य शुरू करने की बात आई, तो बीसीसीएल के महाप्रबंधक (GM) ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि रात के अंधेरे और भौगोलिक स्थिति के खतरनाक होने की वजह से रात में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना संभव नहीं है।
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सुरक्षा का हवाला: जीएम का तर्क है कि जिस जगह पर जमीन धंसी है, वहां स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और दोबारा धंसने का खतरा है। ऐसे में रात के वक्त बचाव दल को उतारना उनकी जान को खतरे में डालना होगा।
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सुबह शुरू होगा अभियान: प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही दिन का उजाला होगा और स्थिति थोड़ी अनुकूल होगी, एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की मदद से व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
कोयलांचल में सुरक्षा पर फिर उठे बड़े सवाल
धनबाद के कई इलाके पहले से ही подзем (Underground) आग और भू-धंसान की चपेट में आते रहे हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बीसियों साल से रह रहे हजारों परिवारों की जिंदगी भगवान भरोसे चल रही है। स्थानीय लोग लंबे समय से सुरक्षित स्थान पर बसाए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण हर बार ऐसी बड़ी घटनाएं सामने आ जाती हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।