रांची में स्कूल वैन पर DTO की सख्ती, ओवरलोडिंग पर जुर्माना, बच्चों को भेजा सुरक्षित घर

रांची में स्कूल वैन पर DTO की सख्ती, ओवरलोडिंग पर जुर्माना, बच्चों को भेजा सुरक्षित घर

रांची में स्कूल वैन पर DTO की बड़ी कार्रवाई: ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी पर ठोका 2 लाख का जुर्माना, बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाकर लिया चैन

झारखंड की राजधानी रांची में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ जिला परिवहन विभाग (DTO) ने अब बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शहर में लगातार मिल रही शिकायतों और बच्चों की जान को खतरे में डालने वाले मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीटीओ की टीम ने आज एक बड़ा और औचक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान राजधानी के एक प्रमुख इलाके में नियमों को ताक पर रखकर क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंस कर ले जा रही एक स्कूल वैन को पकड़ा गया। वाहन में भारी ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी पाए जाने पर परिवहन विभाग ने तुरंत कड़ी कार्रवाई करते हुए उस वैन पर दो लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया है। इस सख्त कार्रवाई के बाद से पूरे शहर के स्कूल वाहन चालकों और संचालकों में हड़कंप मच गया है, जबकि अभिभावकों ने जिला प्रशासन के इस कदम की जमकर सराहना की है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ और DTO का औचक छापा

राजधानी रांची के विभिन्न स्कूलों और इलाकों में आए दिन यह शिकायतें मिल रही थीं कि वैन और ऑटो चालक अधिक मुनाफे के चक्कर में बच्चों की जान को जोखिम में डालकर उन्हें ओवरलोड करके ले जा रहे हैं। कई वैनों में तो निर्धारित क्षमता से दोगुने बच्चों को बैठाया जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इन गंभीर शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के निर्देशानुसार प्रवर्तन दल की टीमों को शहर के विभिन्न व्यस्त मार्गों पर तैनात किया गया था। आज जब इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध स्कूल वैन को रुकवा कर उसकी अंदरूनी स्थिति की जांच की गई, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। एक छोटे से वाहन में नियमों के विपरीत दर्जनों मासूम बच्चों को इस तरह से ठूंस कर भरा गया था कि उनके बैठने तक की उचित जगह नहीं थी और वैन की फिटनेस व कागजात भी पूरी तरह से अवैध पाए गए।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: सुरक्षित घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था

इस कार्रवाई के दौरान परिवहन अधिकारियों ने सबसे पहले मानवता और कर्तव्य का परिचय देते हुए उस ओवरलोड वैन में फंसे सभी मासूम बच्चों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। बच्चों के बीच मची घबराहट और डर को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत वैकल्पिक और सुरक्षित वाहनों का इंतजाम किया, जिसके जरिए उन सभी बच्चों को उनके स्कूलों से उनके घरों तक सकुशल पहुंचाया गया। इसके साथ ही, अभिभावकों को भी इस बात की सूचना दी गई ताकि वे भी अपने बच्चों की आवाजाही को लेकर सतर्क रहें। अधिकारियों का साफ तौर पर कहना था कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड के साथ-साथ वाहन का परमिट रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

रांची में सख्त हुआ प्रशासन, स्कूल संचालकों और चालकों को कड़ी चेतावनी

रांची डीटीओ की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पूरे शहर के स्कूल वाहन संचालकों के होश उड़ा दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से यह चेतावनी जारी कर दी है कि आने वाले दिनों में यह चेकिंग अभियान और अधिक तेज किया जाएगा। स्कूलों से संबद्ध बसों, वैनों और ऑटो चालकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे मोटर व्हीकल एक्ट के सभी नियमों का सख्ती से पालन करें, वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्नि सुरक्षा यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, और किसी भी स्थिति में क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में न बैठाएं। यदि भविष्य में कोई भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उस पर और अधिक कठोर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से अब उम्मीद जताई जा रही है कि रांची में स्कूली बच्चों का सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।