रांची-टाटानगर से घर जाने वालों के लिए गुड न्यूज, त्योहारों पर बढ़ेंगी ट्रेनें
झारखंड में आगामी दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान घर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में उमड़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) जोन ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का आधिकारिक फैसला लिया है।
ये विशेष ट्रेनें रांची और टाटानगर (जमशेदपुर) स्टेशनों से होकर गुजरेंगी तथा आनंद विहार टर्मिनल, अजमेर, शालीमार और संतरागाछी जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आपस में जोड़ेंगी।
स्पेशल ट्रेनों का पूरा टाइम-टेबल और संचालन अवधि
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, संतरागाछी-अजमेर स्पेशल ट्रेन का संचालन 12 अक्टूबर से 28 दिसंबर तक किया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी जाने वाले यात्रियों के लिए रांची-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन 03 अक्टूबर से 29 दिसंबर तक पटरी पर दौड़ेगी।
दक्षिण भारत के यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन संख्या 08045 शालीमार-चारलापल्ली स्पेशल 02 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी कनेक्टिविटी बढ़ाई गई है, जिसके तहत संतरागाछी से नाहरलगुन के बीच 02 अक्टूबर से 28 नवंबर तक विशेष ट्रेन सेवा उपलब्ध रहेगी।
नियमित ट्रेनों में अभी से 'नो रूम': मुंबई, दिल्ली और बिहार रूट पर हाहाकार
त्योहारों से हफ्तों पहले ही टाटानगर और रांची से चलने वाली नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों में टिकटों की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। टाटानगर से मुंबई, दिल्ली, बिहार और दक्षिण भारत की ओर जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 'नो रूम' (रिग्रेट) की स्थिति में पहुंच चुकी है।
मुंबई जाने वाली सभी ट्रेनों में 6 अक्टूबर से लेकर 6 दिसंबर तक स्लीपर से लेकर थर्ड व सेकंड एसी की सभी श्रेणियों में सीटें फुल हो चुकी हैं। यही हाल उत्तर प्रदेश और बिहार होकर दिल्ली जाने वाली नियमित ट्रेनों का भी है, जहां आम यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है।
कोल्हान और चक्रधरपुर मंडल की उपेक्षा पर फूटा रेल यूजर्स का गुस्सा
स्पेशल ट्रेनों के इस ऐलान के बीच झारखंड के दैनिक रेल यात्रियों और संगठनों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। झारखंड रेल यूजर्स ने दक्षिण पूर्व रेलवे जोन पर स्पेशल ट्रेनों के आवंटन में कोल्हान और चक्रधरपुर रेल मंडल की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
रेल यूजर्स का कहना है कि औद्योगिक और घनी आबादी वाले इस क्षेत्र से लाखों प्रवासी यात्रा करते हैं, लेकिन स्थानीय जरूरतों के अनुसार ट्रेनों का पर्याप्त ठहराव और फेरे नहीं दिए गए। इस उपेक्षा को लेकर रेल यूजर्स की ओर से मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (DRUCC) के समक्ष भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।