महिला थाना प्रभारी 50 हजार की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, ACB का बड़ा 'सीक्रेट ऑपरेशन'

महिला थाना प्रभारी 50 हजार की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, ACB का बड़ा 'सीक्रेट ऑपरेशन'

झारखंड के खूंटी जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार को एक जबरदस्त कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) और खूंटी महिला थाना की प्रभारी पुलिस उप निरीक्षक सुलेखा कुमारी सपना को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया है। थानेदार की इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

केस में राहत देने के नाम पर मांगी थी 4.5 लाख की मोटी रकम

इस पूरे मामले की शुरुआत खूंटी के हुरलुंग इलाके में रहने वाले श्याम कुमार की एक शिकायत से हुई। श्याम कुमार के खिलाफ महिला थाने में कांड संख्या-06/2025 के तहत एक मामला दर्ज था। पीड़ित का आरोप है कि इस केस की जांच के दौरान महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना ने उन्हें केस में बड़ी राहत देने और कानूनी कार्रवाई में सहयोग करने का लालच दिया। इसके एवज में थानेदार ने सीधे तौर पर 4 लाख 50 हजार रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की मांग कर डाली। काफी मिन्नतों और बातचीत के बाद यह तय हुआ कि रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।

शिकायत के बाद ACB ने बिछाया जाल, पिपराटोली से हुई गिरफ्तारी (Local Action)

श्याम कुमार ने घूस देने के बजाय इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से कर दी। शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपों का गोपनीय तरीके से सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात बिल्कुल सच साबित हुई। इसके बाद गुरुवार को एसीबी की टीम ने एक फुल-प्रूफ जाल बिछाया। जैसे ही थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी ने खूंटी के पिपराटोली इलाके के पास पीड़ित से रिश्वत के 50 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, वहां पहले से सादे लिबास में मुस्तैद एसीबी की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज, रांची ले गई टीम

गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(A) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी की कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद एसीबी की टीम सुलेखा कुमारी को अपने साथ रांची ले गई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आम जनता की सुरक्षा के लिए बैठे रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए।

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