झारखंड में गरजा NHAI का बुलडोजर! 60 दुकानें जमींदोज, JMM के दफ्तर को भी नहीं बख्शा

झारखंड में गरजा NHAI का बुलडोजर! 60 दुकानें जमींदोज, JMM के दफ्तर को भी नहीं बख्शा

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन धालभूमगढ़ और चार चक्का इलाके में सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चली इस कार्रवाई के दौरान सर्विस रोड और हाईवे की जद में आ रही करीब 60 दुकानों को पूरी तरह खाली कराकर जमीन मुक्त कराई गई। प्रशासन के कड़े तेवर देख कई दुकानदारों ने खुद ही अपने शेड और काउंटर समेट लिए, जबकि अवैध पक्के निर्माणों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के स्थानीय कार्यालय को जेसीबी से ढहा दिया गया।

अभियान के दौरान यातायात और सड़क संरेखण नियमों के तहत बहरागोड़ा से घाटशिला की ओर जाने वाली लेन के दाहिनी तरफ मौजूद अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानें खाली कर दीं। वहीं, घाटशिला से बहरागोड़ा की ओर जाने वाली सड़क के बाईं तरफ बने गैर कानूनी ढांचों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज किया गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित दुकानदार अपने सामान, फर्नीचर और स्टॉक को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने की जद्दोजहद में जुटे दिखे।

कार्रवाई के दौरान उन मकान मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों पर भी शिकंजा कसा गया, जो जमीन अधिग्रहण का सरकारी मुआवजा लेने के बावजूद कब्जा जमाए बैठे थे। एनएचएआई के अमीन शुभेंदु श्यामल ने राजस्व रिकॉर्ड की सहायता से ऐसे तमाम निर्माणों की पहचान कर उन पर लाल निशान लगाए। प्रशासन ने इन निर्माणकर्ताओं को सात दिनों के भीतर खुद अतिक्रमण हटाने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय सीमा पूरी होने पर प्रशासन बिना किसी नोटिस के ध्वस्तीकरण की सीधी कार्रवाई करेगा।

गरीबों की रोजी-रोटी पर पड़ा है सीधा असर

हाईवे पर चली इस प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। बाजार उजड़ने से दुकानदारों, ट्रॉली चालकों, पल्लेदारों और सफाई कर्मचारियों सहित करीब 300 लोगों के सामने आजीविका का गहरा संकट खड़ा हो गया है। कई व्यापारियों ने दुकान चलाने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से कर्ज ले रखा था, जिनकी मासिक किस्तें (EMI) अब संकट में पड़ गई हैं। अचानक आजीविका छिनने से परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की स्कूल फीस और बुजुर्गों के दवा-पानी को लेकर प्रभावित परिवारों में भारी निराशा देखने को मिली।

इस पूरे संयुक्त अभियान के दौरान प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर जितेंद्र कुमार सिंह, साइट इंचार्ज ऋषभ रंजन, अमीन शुभेंदु श्यामल, दंडाधिकारी आलोक कुमार गुप्ता, धालभूमगढ़ थाने के एएसआई फिलिप कुजूर पुलिस बल के साथ और राजस्व कर्मचारी प्रेम कुमार मौजूद रहे, जिनकी देखरेख में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।