कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, प्रेम प्रसंग के विवाद में युवक पर हमले से सनसनी
झारखंड के जमशेदपुर (Jamshedpur) शहर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बागबेड़ा थाना क्षेत्र (Bagbera Police Station) की कॉलोनी रोड नंबर-3 में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर बुधवार को जमकर बवाल हुआ। एक घर के अंदर से एक युवक गंभीर और लहूलुहान हालत में बरामद किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बागबेड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल युवक को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे पर बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं, जिसने इस पूरे मामले को उलझा कर रख दिया है।
घायल युवक आशीष का सनसनीखेज दावा
पुलिस के अनुसार, गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान आशीष कुमार के रूप में हुई है। अस्पताल में इलाज करा रहे आशीष ने पुलिस को दिए बयान में लड़की के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आशीष का दावा है कि बागबेड़ा की रहने वाली इस युवती के साथ उसका पिछले डेढ़ साल से अफेयर चल रहा था। युवक के मुताबिक, उसे खुद उसकी प्रेमिका ने जमशेदपुर बुलाया था। लेकिन जैसे ही वह उसके घर पहुंचा, युवती के परिजनों ने उसे एक कमरे में बंधक बना लिया और लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।
आशीष ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया। उसका कहना है कि उस फोन में बैंक के लेन-देन, पर्सनल चैट और कई अहम डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) मौजूद थे, जिन्हें मिटाने के इरादे से फोन छीना गया।
लड़की के पिता का पलटवार: 'जबरन घुसा और छेड़छाड़ की'
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद में लड़की के परिवार की कहानी बिल्कुल अलग है। युवती के पिता ने आशीष द्वारा लगाए गए प्रेम प्रसंग और बुलाकर पीटने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पिता ने पुलिस को बताया कि युवक उनके घर में जबरन घुस आया था। उनका सीधा आरोप है कि आशीष ने उनकी बेटी के कमरे में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। जब परिवार वालों ने उसकी इस गंदी हरकत का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया और हाथापाई की नौबत आ गई।
बागबेड़ा पुलिस का एक्शन और आगे की जांच (Local Police Action)
इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की जानकारी मिलते ही लोकल पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। बागबेड़ा थाना प्रभारी (SHO) उमेश कुमार ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायल को तुरंत मेडिकल केयर के लिए भेजा।
थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने दोनों ही पक्षों (आशीष कुमार और लड़की के पिता) के बयान आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिए हैं। चूंकि दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे के बिल्कुल उलट हैं, इसलिए पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स और लोकेशन) और आस-पास के लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। सच क्या है, यह पुलिस की तफ्तीश पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।