ईडी की टीम देखते ही बंद किया दरवाजा; धनबाद में कोयला माफिया के साले ने खुद को घर में किया कैद, बाहर डटी रही पुलिस

ईडी की टीम देखते ही बंद किया दरवाजा; धनबाद में कोयला माफिया के साले ने खुद को घर में किया कैद, बाहर डटी रही पुलिस

झारखंड के धनबाद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध कोयला खनन के खिलाफ मंगलवार सुबह बड़ा और कड़ा रुख अपनाया है।

ईडी की टीमों ने तड़के एक साथ धनबाद के कई इलाकों में दबिश देकर कोयला माफिया एलबी सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव समेत उनके सहयोगियों से जुड़े 25 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां मौके पर दस्तावेजों की बारीक छानबीन में जुटी हैं।

चार ईसीआईआर दर्ज कर जांच में जुटी ईडी, करोड़ों की संपत्ति का साक्ष्य

कोयला घोटाले के इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी ने चार अलग-अलग एनफोर्समेंट केस इनफॉरमेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर व्यापक जांच शुरू की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि लव सिंह (एलबी सिंह) और उनके सहयोगियों ने अवैध तरीके से कोयले का उत्खनन, परिवहन और भंडारण (स्टोरेज) कर करोड़ों रुपये की बेनामी और अवैध संपत्ति अर्जित की है। इसी का सुराग तलाशने के लिए अधिकारियों की अलग-अलग टीमें ठिकानों पर छानबीन कर रही हैं।

साले के घर के बाहर डटी ईडी टीम, दरवाजा बंद कर अंदर छिपा रंजीत

कार्रवाई के दौरान धनबाद में तब हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब ईडी की टीम एलबी सिंह के साले रंजीत सिंह के आवास पर पहुंची। केंद्रीय टीम के पहुंचते ही रंजीत सिंह ने खुद को बचाने के लिए घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बावजूद ईडी के अधिकारी घर के बाहर मुस्तैद हैं और अंदर प्रवेश करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। पूरे इलाके में इस छापेमारी के बाद हड़कंप का माहौल बना हुआ है।

इससे पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई: मिले थे ₹2.20 करोड़ नकद और 150 से ज्यादा जमीन के दस्तावेज

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ईडी ने 21 नवंबर को एलबी सिंह और उनके सहयोगियों के धनबाद और दुमका स्थित करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। उस वक्त की गई छानबीन में ईडी के हाथ 150 से भी अधिक जमीन के दस्तावेज और 2 करोड़ 20 लाख रुपये की मोटी नकदी लगी थी। इसके अलावा अवैध कोयला खनन, ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज से जुड़े कई मजबूत कागजात बरामद हुए थे, जिसके बाद से ही ईडी की नजरें इस नेटवर्क के अन्य मददगारों पर टिकी हुई थीं।

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