बस स्टैंड बोलकर सुनसान जंगल ले जा रहा था टोटो चालक! 17 साल की किशोरी ने लगाई चीख, गांव की महिलाओं ने ऐसे बचाई आबरू

बस स्टैंड बोलकर सुनसान जंगल ले जा रहा था टोटो चालक! 17 साल की किशोरी ने लगाई चीख, गांव की महिलाओं ने ऐसे बचाई आबरू

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से मानवीय सतर्कता और सूझबूझ की एक बेहद सराहनीय तस्वीर सामने आई है। खुंटपानी प्रखंड क्षेत्र के ऊलीराजाबासा गांव की ग्रामीण महिलाओं ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक 17 वर्षीय किशोरी को संदिग्ध परिस्थितियों में टोटो चालक के चंगुल में फंसने से बचा लिया। किशोरी की पहचान ओडिशा सीमा से सटे जोड़ा-बड़बिल क्षेत्र निवासी रानी चम्पीया के रूप में हुई है। महिलाओं ने न सिर्फ किशोरी को सुरक्षित आश्रय दिया, बल्कि पांच दिनों तक उसकी हिफाजत करते हुए प्रशासन के माध्यम से परिजनों तक पहुंचाने की राह भी आसान की।

घटनाक्रम के अनुसार, रानी चम्पीया 1 अक्टूबर को सदर प्रखंड के लागिया गांव स्थित अपने ननिहाल में एक त्योहार में शामिल होने आई थी। पर्व संपन्न होने के बाद वह अपने पैतृक गांव लौटने के उद्देश्य से चाईबासा बस स्टैंड जाने के लिए एक टोटो (ई-रिक्शा) पर सवार हुई। आरोप है कि चालक उसे बस स्टैंड ले जाने के बजाय जानबूझकर दूसरे सुनसान और गलत रास्तों पर ले गया तथा कई घंटों तक इधर-उधर घुमाता रहा।

रात करीब नौ बजे जब टोटो खुंटपानी के ऊलीराजाबासा गांव की सीमा में दाखिल हुआ, तो सुनसान इलाका और गलत दिशा देखकर किशोरी बुरी तरह सहम गई। उसने चालक की संदिग्ध हरकतों को भांपते हुए हिम्मत जुटाई और सड़क किनारे मौजूद स्थानीय ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। किशोरी की घबराहट और असामान्य स्थिति को देखकर गांव की महिलाएं तुरंत आगे आईं। महिलाओं ने टोटो चालक को रोककर कड़ी पूछताछ शुरू की, जिसके बाद स्थिति भांपते हुए उन्होंने किशोरी को अपने संरक्षण में ले लिया।

किशोरी के पास अपने माता-पिता या सगे-संबंधियों का संपर्क नंबर उपलब्ध न होने के कारण तत्काल परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऐसे में ऊलीराजाबासा गांव की महिला समिति ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए किशोरी को अपने ही घर में पूरे पांच दिनों तक सुरक्षित रखा। इसके बाद महिला समिति की सदस्यों ने खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड प्रमुख सोमवार को खुद ऊलीराजाबासा गांव पहुंचे और किशोरी से बातचीत कर वस्तुस्थिति जानी। इसके तुरंत बाद उन्होंने मुफस्सिल थाना प्रभारी से संपर्क साधा और किशोरी को सुरक्षित थाने पहुंचाने की व्यवस्था कराई, ताकि विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया जा सके।

इस घटना के बाद इलाके के ग्रामीणों ने नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने और मानव तस्करी के संभावित नेटवर्क को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चालक के संदिग्ध आचरण के पीछे किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।