विदेश में पढ़ाई का खर्च 0 रुपये! जर्मनी की ये हैं टॉप 5 सरकारी यूनिवर्सिटी, जानें पूरी एडमिशन प्रक्रिया और नियम
जर्मनी दुनिया के उन बेहद चुनिंदा और बेहतरीन देशों में से एक है, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बिना किसी ट्यूशन फीस (Zero Tuition Fees) के विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करता है। अगर आप भी विदेश में पढ़ने का सपना देख रहे हैं और बजट को लेकर चिंतित हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए ही है। आइए जानते हैं जर्मनी की टॉप 5 सरकारी यूनिवर्सिटीज और वहां एडमिशन पाने के आसान तरीके।
पढ़ाई बिल्कुल फ्री, रहने का खर्च भी आपके बजट में
जर्मनी की अधिकांश सरकारी यानी पब्लिक यूनिवर्सिटीज में कोई पढ़ाई की फीस नहीं लगती है। चाहे आप बैचलर्स डिग्री के लिए जा रहे हों या मास्टर्स के लिए, आपको केवल हर सेमेस्टर 150 से 400 यूरो (यानी भारतीय रुपयों में लगभग 14,000 से 36,000 रुपये) का एक मामूली 'सेमेस्टर कॉन्ट्रिब्यूशन' देना होता है। इस मामूली रकम के बदले में यूनिवर्सिटी आपको पूरे शहर या राज्य में घूमने के लिए फ्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट का पास भी देती है।
ये हैं जर्मनी की टॉप 5 यूनिवर्सिटीज जहां पढ़ाई है सबसे सस्ती
जर्मनी में उच्च शिक्षा के लिए कई बेहतरीन संस्थान हैं, जिनमें से ये 5 सबसे ज्यादा लोकप्रिय और प्रतिष्ठित माने जाते हैं:
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टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख (TUM): यदि आप इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, कोडिंग या एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक है।
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लुडविग मैक्सिमिलियन यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख (LMU): मेडिसिन, नेचुरल साइंसेज, सोशल साइंस और रिसर्च के क्षेत्र के छात्रों के लिए यह पहली पसंद मानी जाती है।
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हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी (Heidelberg University): जर्मनी की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक यूनिवर्सिटी है, जो बायोसाइंसेज, मेडिसिन और इंटरनेशनल लॉ (कानून) के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
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आरडब्ल्यूटीएच आचेन यूनिवर्सिटी (RWTH Aachen University): मैकेनिकल, ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के छात्रों के लिए इसे जर्मनी का सबसे मजबूत किला माना जाता है।
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हंबोल्ट यूनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन (Humboldt University): कला, मानविकी (Arts and Humanities), दर्शनशास्त्र और कानून के क्षेत्र में इस यूनिवर्सिटी का दुनिया भर में बड़ा नाम है।
किसे मिल सकता है एडमिशन? जरूरी योग्यता भी जान लें
जर्मनी में एडमिशन पाने के नियम भारत के मुकाबले थोड़े अलग और कड़े हैं। एडमिशन के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा:
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बैचलर्स (UG) कोर्स के लिए: चूंकि जर्मनी का स्कूली सिस्टम 13 साल का होता है और भारत का 12 साल का, इसलिए भारतीय छात्रों को वहां सीधे एडमिशन नहीं मिलता। इसके लिए या तो आपको भारत में बैचलर्स का पहला साल अच्छे नंबरों से पास करना होगा, या फिर जर्मनी जाकर 1 साल का 'फाउंडेशन कोर्स' (Studienkolleg) पास करना होगा।
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मास्टर्स (PG) कोर्स के लिए: आपके पास संबंधित विषय में भारत से कम से कम 3 या 4 साल की बैचलर्स डिग्री होनी चाहिए। आपके बैचलर्स के ग्रेड्स (CGPA) जितने अच्छे होंगे, एडमिशन की राह उतनी ही आसान होगी।
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भाषा की अनिवार्यता: अगर आपका कोर्स इंग्लिश में है, तो आपको IELTS (कम से कम 6.5 बैंड) या TOEFL पास करना होगा। अगर कोर्स जर्मन भाषा में है, तो TestDaF या Goethe-Zertifikat परीक्षा का B2/C1 लेवल क्लियर करना जरूरी है।
एडमिशन का पूरा प्रोसेस: इस तरह करें प्लानिंग
जर्मनी में एडमिशन के लिए आपको लगभग 8 से 10 महीने पहले से तैयारी शुरू करनी होगी। सबसे पहले 'DAAD' (जर्मन एकेडमिक एक्सचेंज सर्विस) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद का कोर्स और यूनिवर्सिटी चुनें। इसके बाद अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेजों को वेरिफाई करवाएं और 'Uni-Assist' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अप्लाई करें।
एडमिशन कन्फर्म होने के बाद, आपको वहां रहने के खर्च के प्रमाण के रूप में एक जर्मन बैंक में लगभग 11,904 यूरो (करीब 11 लाख रुपये) जमा करके एक ब्लॉक अकाउंट (Blocked Account) खोलना होता है, जिससे आपको हर महीने रहने का खर्च मिलता रहेगा। इसके बाद आप स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं।